कल से झारखंड के देवघर में श्रावणी मेले की शुरूआत हो जाएगी। यह मेला आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से आरंभ होकर एक महिने से ज्यादा दिन के लिए चलता है। सावन के पहले सोमवार को भक्तों की संख्या सबसे ज्यादा देखी जाती है। यह मेला शिव भक्तों के लिए महाकुंभ से कम नहीं है।इस मेले के अवसर पर हर रोज लाखों की संख्या में कावंडियें झारखंड के देवघर में पहुंचेंगे। इस मेले का सीधा सरोकार बिहार के सुलकानगंज से है। यहीं गंगा नहीं से जल लेने के बाद बोल बम के जयकारे के साथ कांवड़िये नंगे पाँव देवघर की यात्रा करते हैं।

श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर प्रस्थान करने वाले कांवडियों की संख्या पाचं लाख के करीब दर्ज की जाती है, जो हर साल बढ़ती ही जा रही है।सिर्फ श्रावणी मेले के मौके पर मेले में पाँच सौ करोड की खरीदारी होती है।

झारखंड में श्रावणी मेले को लेकर तैयारियां जोरो से चल रही हैं। इसी बीच झारखंड के मुख्यमंत्री, रघुबर दास ने ‘श्रावणी मेला’ के पावन अवसर पर सभी से झारखंड की यात्रा करने की अपील की है। इस अवसर पर लोगों श्रद्धालु बाबाधाम के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में प्रार्थना करते हैं। यह मेला 17 जुलाई से शुरू होता है और 15 अगस्त तक चलता है।

मेले के बारे में जानकारी देते हुए रघुबर दास ने कहा, ‘हमने देश भर से आने वाले भक्तों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। मैं सभी से झारखंड की यात्रा करने की अपील करता हूं।’

मेले का उद्घाटन झारखंड के मुख्यमंत्री, रघुबर दास द्वारा किया जाएगा। देवघर जिला प्रशासन ने महीने भर चलने वाले श्रावणी मेले के दौरान भक्तों की सुविधा के लिए सुल्तानगंज (बिहार) से बैद्यनाथ धाम के बीच 105 किलोमीटर लंबा Path कांवरिया पथ बनाया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से कांवरियों को मार्ग की स्थिति, बाबाधाम मंदिर में भक्तों की कतार, स्वास्थ्य सुविधा, हेल्पलाइन नंबर और मेला संबंधी जानकारी मिल सकती है।

महीने भर चलने वाला मेला 17 जुलाई से 15 अगस्त तक निर्धारित है।विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी लगभग 40 लाख भक्त इस मौके पर देवघर आते हैं। वे सुल्तानगंज में गंगाजल एकत्र करते हैं और इसे 105 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंगम देवघर को अर्पित करते हैं।

Sources:-Live News

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