विदेशों में भी नहीं भूले परंपरा, छठ की छटा अमेरिका के वर्जीनिया में बिखेरते ये बिहारी

आस्था

पटना: सात समंदर पार भी भारतीय अपनी प्रकृति, मूल्य और समाज के प्रति श्रद्धा जता रहे हैं। अपनी परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखने के लिए अमेरिका के वर्जीनिया में भी लोक आस्था के इस महापर्व की तैयारी धूमधाम से चल रही है। अमेरिकी भी देते हैं साथ : भारतीय मूल के बिहारी परिवार पूरी आस्था के साथ महापर्व की तैयारी में लगे हैं। इन भारतीय परिवारों ने आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी परंपरा, आस्था और संस्कृति को जीवित रखने की हर वर्ष संभव कोशिश की है। इन कोशिशों में इनका साथ अमेरिका के मूल निवासी भी देते हैं। वर्जीनिया भी भारतीय संस्कृति की खुशबू से सुवासित हो रहा है।

विदेशों में भी नहीं भूले परंपरा :

छठ पूजा जिस आस्था के साथ अपने यहां मनाई जा रही है, विदेशों में रह रहे परिवार भी छठ उसी आस्था के साथ मनाते हैं। अमेरिका के वर्जीनिया में रह रहे राजीव झा समेत अन्य लोगों का परिवार उन्हीं में से एक है। राजीव मूल रूप से मुंगेर जिला के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा भागलपुर के चंपानगर स्थित ननिहाल में हुई है। राजीव ने वर्जीनिया में मनाई जाने वाली छठ पूजा के बारे में मंगलवार को मोबाइल पर दैनिक जागरण से अपनी भावनाओं को साझा किया।

व्यस्त दिनचर्या के कारण वजीर्निया में ही मनाते हैं लोक आस्था का पर्व :

राजीव बताते हैं कि पहले वे लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर छठ के मौके पर घर आते थे। अब ऐसा संभव नहीं हो पाता। इस कारण परंपरा को जीवंत रखने के लिए वे लोग 2009 से पूरी आस्था के साथ वर्जीनिया में ही छठ मना रहे हैं। यहां रहने वाले बिहारी मूल के सैकड़ों परिवार एक साथ छठ मनाते हैं।   ये परिवार इन दिनों पोटोमैक नदी किनारे छठ मनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। वर्जीनिया और आसपास के इलाकों में परिवार छठ पूजा करने के लिए गुरुवार को एक स्थान पर जुटेंगे। राजीव ने बताया खरना पर भी विशेष प्रसाद की तैयारी होती है। यह प्रसाद पूरी आस्था के साथ तैयार होता है।

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छठ पर आती है घर की याद : 

राजीव झा कैपजेमिनी में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। भागलपुर के मारवाड़ी कॉलेज से शिक्षा हासिल करने के बाद राजीव बेहतर कॅरिअर की तलाश में अमेरिका चले गए। इनकी पत्नी तृप्ति राजीव झा हॉस्टन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। वहीं विनय आनंद दरभंगा के रहने वाले हैं। वह एक पेट्रोलियम कंपनी में सीनियर डायरेक्टर हैं। वह भी कई वर्षों से लोक आस्था के इस महापर्व में शामिल होते हैं।   उन्होंने कहा कि जब भारतीय मूल के परिवार साथ छठ के लिए एक जगह इककट्ठा होते हैं तो घर की कमी पूरी तो नहीं होती, लेकिन एक अलग एहसास होता है। इस काम में उनकी पत्नी प्रीती झा भी साथ देती हैं।

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