राज से उठा पर्दा, नीतीश दे रहे थे सुशील मोदी को लालू के घोटालों की जानकारी

राजनीति

बिहार की राजनीति का पटाक्षेप लगभग तीन घंटे में ही तय हो गया। नाटकीय ढंग से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले इस्तीफा दिया और फिर भाजपा के साथ सरकार बनाने का दाव पेश किया। इस सभी घटनाक्रमों से इतना तय माना जा रहा है कि इस कहानी का स्क्रिप्टआइए आपको कुछ माह पीछे ले जाते हैं। बिहार भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे के बाद नित्यानंद राय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी और उनके समर्थकों को एक तरह से अलग थलग कर दिया जाता है। इसी बीच अचानक सुशील मोदी सिलसिलेवार ढंग से प्रेस कांफ्रेंस करते हैं और लालू परिवार पर एक के बाद एक आरोपों की झड़ी लगा देते हैं। हालांकि इससे पहले भी सुशील मोदी लालू परिवार को कई बार टार्गेट कर चुके थे। लेकिन इस बार प्राय़ सभी प्रेस कांफ्रेंस में वो सबूत के साथ उपस्थित रहते थे। समय बढ़ता गया और सीबीआई ने इन सभी मामालों की जांच आरम्भ की। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में तेजी से भूचाल सा आ गया।

दूसरी ओर सूत्रों की माने तो अब इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं रहा कि सुशील मोदी को इन सभी मामलों की जानकारी देने वाले कोई और नहीं बल्कि नीतीशक कुमार थे। बताते चले कि इससे पहले भी कई बार भाजपा की ओर से कहा जा चुका है कि खुद नीतीश कुमार भाजपा नेता सुशील मोदी को इस सबके बारे में जानकारी दे रहें हैं। जानकारों की माने तो अगर सुशील मोदी के पास पहले से यह जानकारी उपलब्ध थी तो उन्होंने विधान सभा चुनाव या उससे पहले इसपर क्यों नहीं बोला।

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