नीतीश ने ट्रेनी IAS अफसरों को दिए टिप्स, कहा- ऐसे काम करें कि लोगों का प्यार और सम्मान मिले

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पटना: भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय वन सेवा 2016 बैच के परीक्ष्यमान पदाधिकारियों से पटना में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जीवन में जितना दिन मौका मिलता है कि कुछ ऐसा काम करें कि लोगों के मन में आपके प्रति प्यार और सम्मान का भाव पैदा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में अनेक काम किए गए हैं।

सरकार में आने के बाद वर्ष 2006 में जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरुआत की गई। उस दौरान यह महसूस किया कि लोगों की समस्याओं का निराकरण समय सीमा के अंदर जरूरी है। वर्ष 2011 में लोक सेवा का अधिकार कानून लाया गया, जिसका लाभ काफी लोगों को मिला है।

लोगों की शिकायतों के लिये 5 जून 2016 से लोक शिकायत निवारण अधिनियम कानून लाया गया, इसमें आरटीआई, लोक सेवा का अधिकार कानून, जो मुद्दे कोर्ट में हैं, सेवा से संबंधित मामलों को छोड़कर बाकी सभी शिकायतों का समाधान इसके अंतर्गत होता है। इसमें शिकायतकर्ता और अधिकारी आमने-सामने होते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की संतुष्टि काफी मायने रखती है। मैं आप सबसे भी कहता हूं कि एक अच्छे प्रशासक बनने के लिए लोगों को ध्यानपूर्वक सुनना काफी महत्वपूर्ण होता है।

लोक शिकायत निवारण अधिनियम की मॉनिटरिंग सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की जाती है। यहां से भी चाहे तो यह जानकारी मिल सकती है कि किस अनुमण्डल में किस दिन, कौन सी शिकायत दर्ज हुई है और उसका क्या समाधान हो रहा है। जब आप जिले में फिर से काम करने के लिए जाएंगे तो इसके बारे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी दें। जितना लोगों को इसके बारे में जानकारी मिलेगी, लोग इसका लाभ उठा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में भूमि संबंधी विवाद भी एक बहुत बड़ी समस्या है।

बिहार पहला ऐसा राज्य है, जहां एरियल सव्रे कराया जा रहा है और जमीनी स्तर पर उसका वेरिफिकेशन किया जाएगा। नया सव्रे सेटलमेंट का काम पूर्ण हो जाने के बाद जमीन विवाद का निपटारा हो जाएगा। राज्य की स्वास्य संबंधी समस्या भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। जब हमने काम संभाला था तो उस समय प्राथमिक स्वास्य केंद्रों पर एक महीने में 39 मरीज जा पाते थे लेकिन आज औसतन 10 हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्य सुधार के क्षेत्र में काफी काम किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन के तहत 24 घंटे के अंदर अनुग्रह राशि उपलब्ध करा दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय के अंतर्गत हर घर तक नल का जल उपलब्ध कराया जा रहा है। गांव हो या शहर पक्की गली-नाली का निर्माण कराया जा रहा है। इस साल के अंत तक हर इच्छुक परिवार के घरों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। हर घर में शौचालय का निर्माण मिशन मोड में किया जा रहा है। राज्य में नारी सशक्तिकरण पर काम किया जा रहा है। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकाय संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। सात निश्चय के तहत एक निश्चय के रूप में राज्य सरकार की सभी सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया।

जब हमने काम संभाला था, तब साढ़े बारह प्रतिशत स्कूल में पढ़ने नहीं जाया करते थे, आज उनकी संख्या एक प्रतिशत से भी कम है। लड़कियों की शिक्षित करने के लिए साईकिल योजना चलायी गई और इससे समाज का वातावरण एवं मानसिकता में भी बदलाव आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप का निर्माण किया जा चुका है और 10 लाख बनाने का लक्ष्य है। इसके माध्यम से गांव की महिलाओं में जागरूकता, आत्मनिर्भरता एवं आत्मबल में वृद्धि हुई है। समाज सुधार को सफल बनाने के लिए चाहे शराबबंदी हो या दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ अभियान हो, सब में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम सबके लिए समाज सुधार भी एक महत्वपूर्ण कार्य है। अगर समाजिक कुरीति जारी रहती है तो विकास का कोई मतलब नहीं है। राज्य में प्रत्येक क्षेत्र में काम किया गया है। राज्य में रूल ऑफ लॉ है। प्रशासकों के लिए आईडिया का इम्पिलमेंटेशन काफी मायने रखता है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों के प्रति कमिटमेंट काफी महत्वपूर्ण होता है। लोगों का ख्याल रखना महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है। जनप्रतिनिधि लोकप्रियता के लिए काम करते हैं लेकिन प्रशासक अगर अच्छा काम करता है तो उस क्षेत्र के लोग उसे वर्षो तक याद करते हैं। आप अगर उनकी बात गौर से सुनते हैं तो उन्हें संतुष्टि होती है। लोगों की बात सुनिए और जो किया जाना चाहिए, वही कीजिए। मन में लोगों को जागृत करने के लिए आंतरिक भाव होना चाहिए। प्रशासनिक जिम्मेवारी तो है ही लेकिन इसके साथ-साथ मानवीय संवेदना भी जरूरी है। समाज में आपसी सद्भाव का माहौल रहना चाहिए। विचार अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन एक दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना बुनियादी बात है।

भारतीय वन सेवा के परीक्ष्यमान अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बिहार और झारखंड एक था तो वन क्षेत्र का प्रतिशत काफी बढ़िया था। बंटवारे के बाद बिहार का वन क्षेत्र नौ प्रतिशत से भी नीचे रह गया। बिहार में जनसंख्या घनत्व को देखते हुए हमलोगों ने 17 प्रतिशत ग्रिन कवर करना तय किया। प्रारंभिक लक्ष्य 15 प्रतिशत रखा।

वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत हरियाली मिशन द्वारा इसके लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है। रोड के किनारे वृक्ष लगाए जा रहे हैं। 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 18 करोड़ 43 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। शहरों में काफी पार्क बनाए गए, राजधानी वाटिका को काफी सुंदर बनाया गया है। वाल्मिकी नगर पर्यटन का केंद्र बनने जा रहा है। राजगीर में जू सफारी एवं ग्रीन सफारी बनाया जा रहा है। पहाड़ों पर वृक्ष लगाए जा रहे हैं। पहले भारतीय वन सेवा के पदाधिकारी सिर्फ रेग्युलेटरी पॉवर तक ही सीमित थे लेकिन अब पर्यावरण एवं ग्रीन कवर पर काफी काम कर रहे हैं। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। पर्यावरण को बचाने के लिए एवं ग्रीन कवर को बढ़ाने के लिए काम कीजिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके अच्छा काम करने से दूसरों को अच्छा तो लगेगा ही अपने मन में भी संतोष का भाव उत्पन्न होगा, मन को प्रसन्नता होगी। जीवन में जितना दिन मौका मिलता है कि कुछ ऐसा काम करें कि लोगों के मन में आपके प्रति प्यार और सम्मान का भाव पैदा हो।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय वन सेवा के परीक्ष्यमान पदाधिकारियों से उनका परिचय प्राप्त कर उनसे क्षेत्र में प्रशिक्षण के दौरान किये गये कायरें के अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त की।

source: etv bihar

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