‘शाही’ शादी में जाना नीतीश कुमार की मजबूरी थी!

राजनीति

पटना: लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप की शाही शादी के बाद नीतीश कुमार के दहेज उन्मूलन अभियान को बड़ा धक्का लग सकता है। पिछले साल गांधी जयंती 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बडे अभियान की शुरुआत की थी।

नीतीश उन्हीं शादी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे, जिसमें उन्हें निमंत्रण कार्ड में यह लिखकर दिया जा रहा था कि मैंने ‘दहेज नहीं लिया है’ लेकिन लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप की शादी के निमंत्रण कार्ड में ऐसा कुछ भी लिख कर नहीं दिया गया था। बावजूद इसके नीतीश कुमार शादी समारोह में शामिल हुए।

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि सामाजिक अभियाान राजनीति फायदे देख कर तय किए जाते हैं क्या?

दरअसल, सुशील मोदी ने भी अपने बेटे की शादी के निमंत्रण कार्ड में साफ लिखा था कि मैंने दहेज नहीं लिया है और कोई गिफ्ट लेकर ना आए, लेकिन लालू जब सुशील मोदी के बेटे के शादी समारोह में शामिल होने वेटरनरी कॉलेज गए थे तो एक गिफ्ट भी दे दिया था।

हालांकि उसको लेकर विवाद भी हुआ। बाद में सुशील मोदी ने गिफ्ट किसी संस्था को दे दिया। अब जब लालू प्रसाद अपने बड़े बेटे की शादी शाही अंदाज में की है। कार्ड में दहेज नहीं लेने की जिक्र भी नहीं किया, बावजूद इसके नीतीश शादी समारोह में गए बल्कि बहुत देर तक रहे भी।

बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या समाज के लिए नीतीश कुमार का सिद्धांत कुछ और है और राजनीति क्षेत्र के लोगों के लिए कुछ और? क्योंकि लालू प्रसाद के शादी समारोह में दहेज की बात न भी करें लेकिन जिस प्रकार से साज-सज्जा हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे और हजारों लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी, करोड़ों की राशि खर्च हुई होगी। ऐसे में इन सबको नजर अंदाज कर समारोह में नीतीश कुमार का पहुंचना कोई मजबूरी तो नहीं था।

एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर डीएम दिवाकर की मानें तो नीतीश कुमार के लिए असमंजस की स्थिति थी। एक तरफ उनका सामाजिक अभियान जो खुद चला रहे थे लगातार जोर-शोर से और दूसरी तरफ राजनीतिक मजबूरियां भी थी जो 2019 को ध्यान में रखना था और नीतीश कुमार ने राजनीति को ध्यान में रखकर फैसला लिया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इससे पहले रामकृपाल के बेटे की शादी में नहीं गए थे। और भी कई समारोह में नहीं गए क्योंकि शादी के निमंत्रण कार्ड में ‘दहेज नहीं लेने’ का जिक्र नहीं था।

Source: etv bharat bihar

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