Nitish-Kumar-Shahabuddin

नीतीश कुमार शरद-लालू पर तो बरस ही रहे थे शाहबुद्दीन को लिया लपेटे में! कहा…

राजनीति

जद (यू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद आयोजित खुला अधिवेशन को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा, “राजनीति तमाशा नहीं जनसेवा है। बिहार का जनादेश पिछलग्गू बनकर हर तरह के कुकर्मो का समर्थन करना नहीं था, बल्कि न्याय के साथ विकास का है.”

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और पार्टी से बागी बने शरद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन को जनादेश भ्रष्टाचार या परिवारवाद का समर्थन करने के लिए नहीं मिला था. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में जो हालत पैदा हो गए थे, उसमें 20 महीने तक सरकार चला दिया यह बड़ी बात है.



नीतीश ने कहा कि शरद यादव अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। वह जो चाहे कर सकते हैं. शरद 2004 में चुनाव हार गए थे. जॉर्ज साहब के मन में किसी और का नाम था. मैं उनके घर पर चार घंटे बैठा रहा और उन्हें शरद ने नाम के लिए मनाया. वह कह रह हैं कि मैंने जनादेश का अपमान किया. मैं पूछता हूं कि जनादेश क्या बेनामी संपत्ति को सपोर्ट करने के लिए मिला था? क्या जनादेश इसलिए मिला था कि मैं पिछलग्गू बनकर उनके कुकर्म ढोता रहूं.



नीतीश ने कहा कि हमारी अलग पहचान है. लोग जनाधार की बात करते हैं. वे कहते है कि जेडीयू के पास जनाधार नहीं है. यह गलत है. हमारे पास जनाधार है. जेडीयू जिसके साथ रहती है उसकी जीत होती है. लालू की ओर इशारा करते हुए नीतीश ने कहा कि वे सबसे बड़ी पार्टी होने की बात करते हैं. जेडीयू और आरजेडी ने बराबर सीट पर चुनाव लड़ा फिर हमारे कैंडिडेट क्यों हार गए. जेडीयू के सभी लोगों ने तो आरजेडी को वोट दिया, लेकिन आरजेडी के वोट हमें नहीं मिले. हमारे हारे हुए उम्मीदवारों के कोई भी पूछ सकता है कि चुनाव में क्या हुआ था.




नीतीश ने कहा कि लोग मुझसे कहते थे कि आपने आरजेडी के साथ गठबंधन कर लिया, कितने दिन चला पाएंगे. हमने 20 माह सरकार चला दी. यह बहुत है.

इस दौरान क्या-क्या नहीं सहना पड़ा. परिस्थिति के सीएम, आधारहीन नेता और न जाने क्या कुछ नहीं लोगों ने कहा मुझे. आपको बता दें कि मोहम्मद शहाबुद्दीन ने जेल से निकलने के बाद नीतीश कुमार परिस्थितियों का सीएम बना दिया था.

वे मुझे मुख्यमंत्री बनाकर कृपा कर रहे थे. मैं किसी की कृपा के चलते मुख्यमंत्री नहीं बना था. आए दिन घटनाएं सामने आ रही थी. नीचे के स्तर तक फोन कर सरकारी काम को प्रभावित किया जा रहा था.

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