अब नहीं न जाइएगा बिहार से बाहर, बिहार में ही रहिए, यहीं मिलेगा रोजगार, चिंता मत कीजिए… ये बातें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के क्वारंटाइन सेंटरमें रहने वाले अप्रवासी बिहारी मजदूरों से तब कही जब वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के कई जिलों में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में रहने वाले लोगों का हाल जान रहे थे. बता दें कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम नीतीश ने 10 जिले के 20 ब्लाक क्वारंटाइन सेंटर का डिजीटल निरीक्षण, समीक्षा एवं रहनेवाले मजदूरों एवं पदाधिकारियों से बात की. बातचीत के क्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्वारंटाइन केन्द्रों पर मिल रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली. सेंटर में खाने की व्यवस्था, किचन, साफ सफाई एवं अन्य सुविधाओं का भी डिजीटल निरीक्षण किया गया.


सीएम नीतीश ने ट्रेंड श्रमिकों से की बात

जब नीतीश कुमार जायजा ले रहे थे तब कई ट्रेंड श्रमिकों से भी उनकी बात हो रही थी. इसी दौरान महाराष्ट्र सहित दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों से जब हाल-चाल जानने लगे.  खाने-पीने से लेकर रहने और काम काज के बारे में सवाल पूछा. इसी दौरान नीतीश कुमार ने उसमे से कुछ मजदूरों से जब सवाल पूछा कि कहां काम करते थे,और क्या करते थे. इस पर कुछ मजदूरों ने बताया कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में काम करते थे.
मुख्यमंत्री ने की हुनर की तारीफ

कई मजदूर टेलरिंग, कुकिंग सहित अन्य कार्यो में कुशल थे, इसी दौरान एक मजदूर ने बताया कि वो पेवल फ्लास्क की तकनीक से ईंट का निर्माण करते हैं और क्वारंटाइन में रहने के दौरान निर्माण कर रहे हैं. ये जान सीएम नीतीश कुमार बेहद खुश हुए और इसकी प्रशंसा तो की ही साथ ही अधिकारियों को निर्देश भी दिया की पेवल फ्लास्क से बनाए जा रहे ईटों को बड़े पैमाने पर तालाब और नदियों के किनारे लगाया जाए. नल जल कल योजना के तहत किए जा रहे सरकारी योजनाओं में इसका उपयोग करने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के कई क्वारंटाइन केंद्रों में रह रहे मजदूरों का हल-चाल जाना.

इसी के बाद नीतीश कुमार ने तमाम जगहों के प्रवासी बिहारी मजदूरों से जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे, उनसे आग्रह किया की बिहार से बाहर अब न जाएं. बिहार में ही उनके स्किल के मुताबिक रोजगार देने की व्यवस्था सरकार कर रही है.  सीएम नीतीश नेलगे हाथों अधिकारियों को इसका निर्देश भी दे दिया.
मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार  को इस दौरान  वी अधिकारियों ने बताया कि  रोजगार सृजन के लिए लगातार काम किया जा रहा है. लॉकडाउन के समय 4 लाख 18 हजार फंक्शनल योजनाओं के तहत अब तक 2 करोड़ 93 लाख मानव दिवस सृजित किये जा चुका है.

Sources:-News18

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