बिहार की सियासत का नया अध्याय शुरू, नितीश कुमार बने सीएम और सुशिल मोदी डिप्टी सीएम

राजनीति

आज सुबह राजभवन में नीतीश कुमार ने लिया एक बार फिर से सीएम पद की शपथ और डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली सुशील मोदी ने।

महागठबंधन सरकार से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को नीतीश कुमार ने राज्य में छठी बार बतौर सीएम पद की शपथ ली। उनके अलावा बीजेपी नेता सुशील मोदी डिप्टी सीएम बने। बिहार के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने दोनों को शपथ दिलाई। इससे पहले कहा जा रहा था कि समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शामिल हो सकते हैं। वहीं, केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सुबह की फ्लाइट से पटना पहुंचे। बता दें कि चार साल बाद जदयू और भाजपा एक साथ राजनीति में आ रही है। इस बीच, नीतीश कुमार ने कहा, जैसे हालात बिहार में बन रहे थे काम करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में ये कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने आगे कहा कि अब बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत होगी।

लालू यादव ने नीतीश कुमार के फैसले के बाद उनपर पलटवार किया और कहा ये सब पहले से ही सेट था, उन्होंने मुझे धोखा दिया। महागठबंधन की सरकार को अगले पांच साल तक बिहार में सत्ता चलाने के लिए जनता ने चुना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
राजद राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। इसके लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से समय मांगा है। तेजस्वी ने ट्वीट कर राज्यपाल से समय मांगने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा में सबसे बड़ा दल होने के नाते राजद को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। भाजपा के साथ जाने से नाराज जदयू विधायक भी उनके इस मुहिम में साथ देंगे। उन्होंने दावा किया कि शरद यादव जैसे कई बड़े नेता नीतीश कुमार के इस रुख से नाराज हैं।

इससे पहले नीतीश कुमार ने बुधवार शाम 6:30 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके साथ ही राज्य में पिछले 20 माह से चल रहा जदयू-राजद और कांग्रेस का महागठबंधन टूट गया। राजभवन से लौटने के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जैसा माहौल चल रहा था उसमें काम करना मुश्किल हो गया था। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया है।

पहले से पक रही थी खिचड़ी, यूं ही नही रूक गए थे राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी। बिहार के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की भनक कल देर रात ही मिल गई थी। नतीजा उन्होंने बुधवार को कोलकाता वापस लौटने का अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

राज्यपाल राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली में थे। जहां से सीधे कोलकाता न जाकर उन्होंने पटना में रुकते हुए कोलकाता जाने का कार्यक्रम बनाया। केसरीनाथ त्रिपाठी बंगाल के राज्यपाल हैं। बिहार का कार्यभार उनके पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में है। मंगलवार की देर शाम वे पटना पहुंचे। पहले उनके बुधवार की शाम पटना से कोलकाता लौट जाने का कार्यक्रम था, परन्तु बाद में राजनीतिक गहमा-गहमी को देखते हुए उन्होंने कोलकाता लौटने का अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

सूत्र बताते हैं कि राज्यपाल को आभास था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं और हुआ भी कुछ ऐसा ही। बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंच केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। जिसे राज्यपाल ने स्वीकार लिया।
राजभवन सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से अकेले मुलाकात की और उन्हें तेजस्वी प्रकरण के बारे में विस्तार से जानकारी देकर अपना इस्तीफा देने की पेशकश की।
जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल राज्यपाल का कोलकाता वापस लौटने का कोई कार्यक्रम नहीं। वे अब एक बार फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के बाद ही कोलकाता वापस लौटेंगे।

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