नीतीश की नई सरकार: मोदी विरोधी खेमे में सुशासन बाबू, क्या 2024 के चुनाव में UPA बनाएगा PM कैंडिडेट ?

खबरें बिहार की जानकारी

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए से दामन छुड़ाकर आरजेडी के नेतृत्‍व वाले महागठबंधन का दामन थाम लिया है। वह आठवीं बार बिहार के मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं लेकिन केंद्र की राजनीति में अब वह विपक्षी खेमे में नज़र आएंगे।

इसके साथ ही यह सवाल उठने लगा है कि 2024 लोकसभा चुनाव से ऐन पहले नीतीश कुमार का सत्‍ता पक्ष से विपक्ष में हुआ ये शिफ्ट कहीं पीएम पद की रेस में उनके शामिल होने का संकेत तो नहीं? जेडीयू संसदीय बोर्ड के नेता उपेन्‍द्र कुशवाहा ने एक ट्वीट के जरिए इस बात के संकेत भी दे दिए कि नीतीश कुमार की रणनीति में 2024 का चुनाव है। इस ट्वीट में उन्‍होंने लिखा कि ‘देश आपका इंतजार कर रहा है।’

उपेन्‍द्र कुशवाहा ने मंगलवार को पटना में हुए उलटफेर के बीच ही एक ट्वीट में लिखा- ‘नये स्वरूप में नये गठबंधन के नेतृत्व की जवाबदेही के लिए श्री नीतीश कुमार जी को बधाई। नीतीश जी आगे बढ़िए। देश आपका इंतजार कर कर रहा है।’ जाहिर उपेन्‍द्र कुशवाहा ने इस ट्वीट में साफ कर दिया कि नीतीश सिर्फ बिहार नहीं सारे देश के नेता है। उपेन्‍द्र के अलावा जेडीयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ललन सिंह समेत कई वरिष्‍ठ नेता नीतीश कुमार को पहले भी पीएम मैटेरियल बता चुके हैं।

रविवार को आरसीपी सिंह ने इस्‍तीफा देने के साथ ही जब ये कहा कि नीतीश सात जन्‍म तक पीएम बनने का सपना पूरा नहीं कर पाएंगे तो जेडीयू संसदीय बोर्ड के नेता उपेन्‍द्र कुशवाहा ने एक बार फिर कहा कि नीतीश कुमार हर लिहाज से पीएम बनने योग्‍य हैं। वैसे खुद नीतीश कुमार भी अतीत में पीएम बनने की इच्‍छा का संकेत देते रहे हैं।
2013 में बीजेपी ने जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री रहे नरेन्‍द्र मोदी को पीएम कैंडिडेट बनाने का ऐलान किया था तब नीतीश कुमार ने नाराज होकर एनडीए छोड़ दिया था। राजनी‍तिक जानकारों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार की अपनी महत्‍वाकांक्षा भी पीएम बनने की रही है। इसके साथ ही उनकी पार्टी के कई नेता पीएम मैटेरियल कई बार बता चुके हैं।
अब जब नीतीश कुमार विरोधी खेमे में आ गए हैं तो चर्चा ये है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वह विपक्ष के पीएम कैंडिडेट भी हो सकते हैं। अब देखना यह है कि क्‍या सुशासन बाबू मोदी विरोधी खेमे की ओर से 2024 में प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार होंगे? और साथ ये  सवाल भी है कि क्‍या कांग्रेस की अगुवाई वाला यूपीए ‘सुशासन बाबू’ को पीएम कैंडिडेट बनाएगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published.