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देसी शराब के धंधेबाजों को नीतीश सरकार का तोहफा, 840 करोड़ की खर्च से मिलेगा सबको रोजगार

खबरें बिहार की

पटना: बिहार कैबिनेट की बैठक आज पटना के संवाद कक्ष में हुई. सीएम नीतीश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में 15 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. जिसमें राज्यकर्मियों, किसानों और पारंपरिक रूप से शराब के धंधे में जुड़े परिवारों के लिए अच्छी खबर निकल कर आई है. बिहार सरकार ने बैठक में इनके हक में कई निर्णय लिए हैं.ऐसे सभी परिवार जो देसी शराब और नीरा बनाने के धंधे में लगे थे सरकार उन्हें अब रोजगार देने जा रही है.

ऐसे 1 लाख परिवार जो शराबबंदी के बाद बेरोजगार हो गए थे. उन्हें सरकार बड़ा तोहफा देने जा रही है. सरकार इन सभी को जीविका के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराएगी. इसके लिए 3 साल के अंदर सरकार 840 करोड़ रुपये खर्च करेगी.  बैठक के बाद दी गई जानकारी के अनुसार सरकार 25 % पैसे भेड़, बकरी, गौ पालन आदि जैसे जीविका के माध्यम से जुटाएगी इसके अलावा 75 % पैसे सरकार को ग्रामीण विकास विभाग देगा.

किसानों को भी बड़ी राहत

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बिहार बाहर हो जाएगा. किसानों को अब प्रीमियम नहीं देना होगा. फसल क्षति पर किसान को राज्य सरकार मुआवजा देगी. किसानों के बैंक खाता में ही राशि भेज दी जाएगी. पीएम फसल बीमा योजना में बीमा कंपनी को राज्य सरकार को करोड़ों रुपए देने पड़ते है.

राज्यकर्मियों का बढ़ा महंगाई भत्ता

कैबिनेट की बैठक में आज राज्यकर्मियों को अब 7% महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव पर  मुहर लगाई गई है. बता दें कि राज्यकर्मियों को पहले पांच प्रतिशत ही महंगाई भत्ता मिलता था. आज बैठक में इसे दो प्रतिशत बढ़ाकर इसे सात प्रतिशत कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में छठा केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार अपुनरीक्षित वेतनमान में वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों को एक जनवरी दो हजार अठारह के प्रभाव से 139 प्रतिशत की जगह 142 प्रतिशत महंगाई भत्ता को स्वीकृति दी गई.

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