निर्माणाधीन अपार्टमेंट में मिट्टी छानने के दौरान दबे 3 मजूदर, एक की मौत; दो श्रमिकों की हालत गंभीर

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कोतवाली थाना क्षेत्र के एसपी वर्मा रोड में पहलेजा कोठी से सटी गली में दूसरे नंबर के प्लाट पर निर्माणाधीन अपार्टमेंट में काम कर रहे तीन मजदूर मिट्टी के नीचे दब गए, जिसमें एक की मौत हो गई। हादसा गुरुवार की दोपहर करीब चार बजे हुआ। सूचना मिलते ही कोतवाली थानाध्यक्ष संजीत कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। घायल दो मजदूरों को इलाज के लिए गार्डिनर अस्पताल भेजा गया। वहीं, मृत मजदूर के स्वजनों को खबर करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया। डीएसपी (विधि-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान सुरजीत दास (35) के रूप में हुई है। जख्मी सगुनी दास और कटवा की हालत खतरे से बाहर है। सभी पुनपुन थाना क्षेत्र के बेहरामा गांव के निवासी हैं।

हाड़ कांपती ठंड में अंगीठी जला कर रहे थे काम

निर्माणाधीन अपार्टमेंट का फाउंडेशन बेस तैयार किया जा रहा है। इसके कारण सड़क से करीब 15 फीट नीचे तक गड्ढा किया गया है। सड़क के समानांतर बची जमीन पर करकटनुमा कमरा बना है, जिसमें मजदूर रहते हैं। घटना के समय मौजूद मजदूर रमेश दास ने बताया कि सुबह से कुछ पांच श्रमिक गड्ढे के किनारे की मिट्टी छानने का काम कर रहे थे। ठंड से हाड़ कांप रही थी, इसलिए अंगीठी जलाकर काम करते रहे। उत्तर से दक्षिण छोर तक मिट्टी छानने का काम लगभग पूरा हो चुका था। तभी एकाएक मिट्टी भरभरा कर कटवा, सुरजीत और सगुनी के ऊपर गिर पड़ी। तीनों उसके नीचे दब गए। रमेश और मिट्ठू दास थोड़ी दूरी पर थे। वे बाल-बाल बच गए। वे शोर मचाने लगे। इस बीच स्थानीय लोग जमा हो गए और मिट्टी हटाकर तीनों मजदूरों को निकालने लगे। साथ ही पुलिस को सूचना दी गई।

ठेकेदार और बिल्डर की खोज कर रही पुलिस

रमेश दास ने पुलिस को ठेकेदार का नाम रंजीत चौधरी बताया, जो हाजीपुर का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच के दौरान ठेकेदार मौके पर नजर नहीं आया। वह बिल्डर और जमीन मालिक का नाम नहीं बता पा रहा था। पुलिस उनकी खोज कर रही है। पूछताछ में रमेश ने बताया कि उन्हें मिट्टी छानने के लिए फावड़ा, कुदाल और लोहे की कड़ाही दी गई थी। सुरक्षा के लिहाज से बेल्ट, हेलमेट आदि उपकरण नहीं दिए गए थे। बेस में सरिया का फ्रेम बंधा होने के बावजूद बूट तक नहीं दिया गया था। वे प्रतिदिन सात सौ रुपये की दर से मजदूरी का काम कर रहे थे। रहने के लिए जगह दी गई है। खाने-पीने का इंतजाम खुद करना पड़ता है। उसके गांव के कई मजदूर यहां काम करते हैं।

अब बचवन के खिलाई ऐ राजा

हादसे की खबर पाकर सुरजीत की पत्नी, बच्चे और रिश्तेदार आटो से कोतवाली थाने पहुंची। सभी विलाप कर रहे थे। आटो से उतरते ही सुरजीत की पत्नी छाती पीट-पीटकर रोने लगीं। वह बार-बार कह रही थी कि अब बचवन के खिलाई ऐ राजा…। रिश्तेदारों ने बताया कि सुरजीत की चार बेटियां और दो बेटे हैं। वह घर का इकलौता कमाऊ व्यक्ति था। गांव में मजदूरी नहीं कम मिलती थी, इसलिए ग्रामीण साथियों के कहने पर अधिक कमाई के लिए शहर में ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने सुरक्षित काम कराने का दावा किया था। साथ ही बीमा कराने की भी बात कही थी। बकौल थानाध्यक्ष, स्वजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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