केन्द्र की तरह मिलेगा नया भत्ता, बिहार में राज्यकर्मियों को सीएम नीतीश का तोहफा

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पटना: केंद्र की तर्ज पर राज्यकर्मियों के लिए नए भत्ते को मंजूरी दे दी गई है। राज्य सरकार ने दिवाली के ठीक पहले राज्य के कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के तहत भत्ते का तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में राज्य वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में इसे स्वीकृति प्रदान की गई। वित्त विभाग एक-दो दिन में इससे संबंधित अधिसूचना जारी करेगा। इसी के साथ नए भत्तों का लाभ मिलने लगेगा।

चार वर्ग में बांटा गया आवासीय भत्ता : आवासीय भत्ते को चार भागों में बांटा गया है। पटना को वाई श्रेणी में रखा गया है। यहां रहने वाले कर्मी को मूल वेतन का 16% भत्ता मिलेगा। अन्य बड़े शहरों को जेड श्रेणी में रखा गया है। यहां 8% भत्ता दिया जाएगा। अ श्रेणी में छोटे शहरों को रखा गया है, जहां छह फीसदी और प्रखंड-थाना आदि में रहने वाले कर्मियों को चार फीसदी आवासीय भत्ता मिलेगा। नई दिल्ली में रहने वाले राज्य कर्मियों को 24 फीसदी आवासीय भत्ता मिलेगा।

बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव उपेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि जेड श्रेणी में अरवल, औरंगाबाद, बगहा, आरा, बेगूसराय, छपरा, भागलपुर, गया, सीवान, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, सुपौल, मोकामा, जहानाबाद, मोतिहारी, हाजीपुर, सहरसा आदि शहरों को रखा गया है। अ श्रेणी के शहरों का निर्धारण जल्द किया जाएगा।

पूर्व में 20, 10 और 5% आवासीय भत्ता मिलता था। लेकिन 7वां वेतनमान लागू होने के बाद मूल वेतन में करीब ढाई गुना की वृद्धि हुई है। इसलिए भत्ता का फीसदी घटने के बाद भी कर्मियों के भत्ते में वृद्धि हुई है। प्रतिनियुक्ति भत्ता शहर के अंदर 2000 और बाहर होने पर 4000 मिलेगा। नए भत्तों का लाभ राज्य के करीब 9 लाख कर्मियों व पेंशनधारियों को मिलेगा।

दिव्यांगों को अब 4% आरक्षण

सरकारी सेवाओं में नियुक्ति और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में दिव्यांगों को दिए जा रहे आरक्षण को 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया गया है। साथ ही दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए राज्य सलाहकार बोर्ड के गठन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने सहमति प्रदान कर दी।

ऑनलाइन होगा दाखिल-खारिज

दाखिल-खारिज अब ऑनलाइन हो सकेगा। पूरी प्रणाली ही ऑनलाइन कर दी जाएगी। इसको लेकर बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) नियमावली, 2017 को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी। इससे अब दाखिल-खारिज के लिए आवेदन से लेकर इसका आदेश जारी करने तक का कार्य ऑनलाइन होगा। जल्द ही इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अधिसूचना जारी करेगा। इससे दाखिल-खारिज कार्य में देरी नहीं होगी। साथ ही एक ही जमीन की कई लोगों के नाम पर रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज हो जाने की शिकायतों पर रोक लगेगी।

अन्य भत्ते
• मेडिकल भत्ता 200 की जगह अब 1000
• शहर परिवहन भत्ता 600 से 1500 तक
• राज्य की नर्स को 1800 वर्दी भत्ता मिलेगा
• परिवार नियोजन भत्ता समाप्त
• अब चार साल पर एलटीसी का लाभ
• शोध कार्य में लगे अभियंताओं आदि को 2000 रुपये महीना

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