बिहार में कमजोर पड़े नक्सली, नक्सल मुक्त हुए Patna सहित सूबे के 7 और जिले

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पटना: बिहार में नक्सल घटनाओ में काफी कमी आई है। बिहार के नक्सल प्रभावित जिलों में पारा मिलिट्री फोर्स और स्थानीय पुलिस के ऑपरेशन के बाद इन इलाकों में अब नक्सल घटनाओ में काफी कमी आई है। बिहार के 23 जिले नक्सल प्रभावित जिलों की सूची में थे लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा left wing extrmism की बैठक में नए सिरे समीक्षा की गई, जिसके बाद अब सिर्फ बिहार के 16 जिले नक्सल प्रभावित श्रेणी में शामिल किए गए हैं। Patna सहित सात जिलों को अब नक्सल प्रभावित से मुक्त घोषित किया गया है। देश के गृह मंत्री ने भी माना है कि बिहार में नक्सली घटनाओ में कमी आई है।

Patna समेत सात जिले नक्सली मुक्त

बिहार से नक्सल उग्रवाद की जड़े उखड़ने लगी हैं। कल तक जहां बिहार के 40 पुलिस जिलो में से 23 नक्सल प्रभावित थे, वहीं अब ऐसे जिलों की संख्या 16 हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के लेफ्ट विंग एक्स्ट्रिमिस्ट डिवीजन ने बिहार के सात जिलों को अब नक्सल उग्रवाद से मुक्त करार दिया है। इसमें Patna जिला भी शामिल है। यानी कि अब इन सात जिलो में एएसपी ऑपरेशन का पद समाप्त हो जाएगा। साथ ही इन जिलों को SRE स्किम के तहत मिलने वाली मदद भी बंद हो जाएगी।

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने 2012 से ही ऐसे नक्सल प्रभावित जिलों में ऑपरेशन के लिए पारा मिलिट्री फोर्सेस से एक एक डिप्टी कमांडेंट स्तर को भेजा गया था। जो इन जिलों में एएसपी ऑपरेशन के रूप में कार्य कर रहे थे। लेकिन अब इन सात जिलों से एएसपी ऑपरेशन का पद भी समाप्त हो जाएगा।

जिन जिलों को अब नक्सल से मुक्त किया गया है वे जिले हैं- Patna, शिवहर, सीतामढ़ी, भोजपुर, बगहा, खगड़िया और बेगूसराय। अब इन जिलों में तैनात एएसपी ऑपरेशन को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी साफ एलान किया है कि नक्सलवाद के नाम पर गरीबों का खून चूसने वालो की अब खैर नहीं है। सरकार देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए कमर कस चुकी है। इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकार बड़ी तेजी से काम कर रही है।

हालांकि बिहार में अब भी 16 जिले नक्सल प्रभावित है। जिन जिलों को नक्सल प्रभावितइलाकों में रखा गया है उनमें अरवल, औरंगाबाद, बांका, पूर्वी चंपारण, पश्चमी चंपारण, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, लखीसराय, मुंगेर, मुज़फ़्फ़रपुर, नालंदा, नवादा, रोहतास, वैशाली। मालूम हो कि SRE स्किम के तहत चयनित जिलो में विकास, नक्सली इलाको में लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काफी अनुदान मिलता था। इन जिलों में गाड़ियों से लेकर काफी अत्याधुनिक हथियारों की खरीद भी इन पैसों से की जाती थी।

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