राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस: अपनी ही उत्पादित ऊर्जा से रोशन है राजधानी का पटना जंक्शन

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पटना: रेलवे की ओर से ऊर्जा संरक्षण पर काफी अधिक जोर दिया जा रहा है। इस मामले में पूर्व मध्य रेल की ओर से सभी पांचों मंडलों में सौर ऊर्जा पर काफी जोर दिया जा रहा है। पूरे जोन में रेलवे स्टेशनों के भवनों एवं जोनल कार्यालयों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इससे उत्पादित बिजली से स्टेशन रोशन हो रहे हैं। दानापुर मंडल में जहां प्रतिदिन 1370 केडब्ल्यूपी उर्जा का उत्पादन हो रहा है, जबकि समस्तीपुर में 934, सोनपुर में 1801, डीडीयू में 427 एवं धनबाद में 132 उत्पादन किया जा रहा है। इससे उत्पादित बिजली से पूर्व मध्य रेल को सालाना 1.3 करोड़ से अधिक की बचत हो रही है। 

पटना जंक्शन की छतों पर सोलर प्लेट लगाए गए हैं। इसे पीपीपी मोड में इंस्टॉल किया गया है। अभी तक मुख्य भवन के साथ ही प्लेटफॉर्म संख्या एक एवं दस की छत पर सोलर प्लेट लगाए गए हैं। इससे प्रतिदिन 565 केडब्ल्यूपी बिजली का उत्पादन हो रहा है। इसी बिजली से पूरा जंक्शन परिसर रोशन हो रहा है। शीघ्र ही सभी दस प्लेटफॉर्म व करबगिहिया सेंट्रल हॉस्पिटल की छत पर भी सोलर प्लेट लगाया जाएगा। इससे जंक्शन परिसर के साथ ही अस्पताल परिसर के बिजली की खपत पूरा कर ली जाएगी।

अकेले जंक्शन परिसर के लिए प्रतिदिन 1200 किलोवाट बिजली की आवश्यकता है। हॉस्पिटल के लिए अलग से 450 किलोवाट बिजली की जरूरत होती है। पूरे परिसर में सोलर प्लांट के लग जाने के बाद लगभग 1700 से 1800 केडब्ल्यूपी बिजली का उत्पादन होगा।

राजेन्द्र नगर टर्मिनल पर लगाए गए सौर प्लांट से 185 केडब्ल्यूपी, पाटलिपुत्र स्टेशन, दानापुर स्टेशन, दानापुर रेलवे अस्पताल एवं दानापुर मंडल कार्यालय के छतों पर लगाए गए सोलर प्लांट से प्रतिदिन 670 केडब्ल्यूपी बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे दानापुर मंडल को प्रतिवर्ष 13 से 14 लाख की बचत हो रही है। दानापुर मंडल कार्यालय, रेलवे अस्पताल, दानापुर स्टेशन, पाटलिपुत्र स्टेशन, राजेन्द्र नगर टर्मिनल एवं पटना जंक्शन के बिजली की जरुरतों को सौर ऊर्जा से पूरा किया जा रहा है। शीघ्र ही 8 अन्य स्टेशनों पर भी सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। 

बेहतर कार्य किए गए हैं

मुख्य जन संपर्क अधिकारी पूर्व मध्य रेल राजेश कुमार ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण की दिशा में पूर्व मध्य रेल की ओर काफी बेहतर कार्य किए गए हैं। सभी मंडल कार्यालयों, प्रमुख स्टेशनों एवं अस्पतालों के भवनों पर पीपीपी मोड में सौर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। इससे पूरे जोन में 4632 केडब्ल्यूपी बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। रेलवे इस एजेंसी से उत्पादित बिजली को दूसरी कंपनियों से 2.67 रुपये कम प्रति यूनिट की दर से खरीद लेती है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 1.30 करोड़ की बचत रेलवे को हो रही है। शीघ्र ही सभी बड़े स्टेशनों पर भी सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। 

Source: Jagran

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