राम रसाई के बाद अब अयाेध्या में भी महावीर मंदिर पटना की तर्ज पर तिरुपति का नैवेद्यम मिलेगा। लेकिन, इसका नाम हाेगा रघुपति लड्‌डू। रघुपति लड्‌डू तैयार करने के लिए तिरुपति से वेंकटरमण के नेतृत्व में कारीगराें की टीम अयाेध्या पहुंच गर्इ है। 10-15 दिनाें के अंदर रघुपति लड्‌डू की बिक्री शुरू हाे जाएगी। फिलहाल पटना से भेजा गया नैवेद्यम लड्‌डू अयाेध्या में मिलने लगा है। रघुपति लड्‌डू बनाने की याेजना फाइनल स्टेज में है।

अमावा मंदिर के पास इसके लिए स्थान तय हाे गया है। अभी बाेर्ड नहीं लगा है। जल्द ही रघुपति लड्‌डू के बारे में स्थानीय लाेगाें के साथ बाहर से अाने वाले भक्ताें काे भी पता चल सके, इसके लिए पूरे अयाेध्या अाैर अासपास के इलाके में हाेर्डिंग-बैनर व बाेर्ड लगाए जाएंगे। यह लड्‌डू पटना की तरह ही अयाेध्यावासियाें व वहां अाने वाले राम भक्ताें काे निर्धारित कीमत चुकाने के बाद प्राप्त हाेगा। इसके लिए रामलला मंदिर के नजदीक पर्याप्त काउंटर बनाने की तैयारी है। अभी लड्‌डू तिरुपति से अाए कारीगर के हाथाें से ही तैयार करेंगे। डिमांड बढ़ने पर अाॅटाेमेटिक मशीनाें से भी लड्‌डू तैयार किया जाएगा। 

अयाेध्या समेत पूरे देश में पटना वाले हनुमान जी की हाे रही है जय

महावीर मंदिर ट्रस्ट पटना के सचिव अाचार्य किशाेर कुणाल ने बताया कि रघुपति लड्‌डू की बिक्री शुरू हाेने से पहले अयाेध्या मंे दूर-दराज से अाने वाले राम भक्ताें की सुविधा के लिए अमावा मंदिर के पास अमानती घर अाैर अाेपीडी भी खुलेगा। डाॅक्टराें के रहने की भी बेहतर व्यवस्था की जाएगी। बताया कि अयाेध्या में राम रसाेर्इ सफलतापूर्वक चल रही है। हर दिन करीब 1000 भक्त कैमूर के माेकरी गांव से भेजे गए गाेविंद भाेग चावल से बना प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। बांग्लादेश व नेपाल के हिंदुअाें के अलावा सबसे ज्यादा लाेग महाराष्ट्र से अा रहे हैं। राम रसाेर्इ के लिए तिरुपति से अाए पी ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में वहां के कारीगर भाेजन बन रहे हैं। राम रसाेर्इ में कभी पाेंगल, कभी खीर ताे कभी दाल-भात सब्जी की व्यवस्था की जा रही है। किशाेर कुणाल ने बताया कि कारीगर बहुत ही स्वादिष्ट खाना बना रहे हैं। साथ ही भक्ताें काे बड़े प्यार से भाेजन प्रसाद पराेसा जा रहा है। इसका असर यह हाे रहा है कि खाना खाने के बाद लाेग हनुमान जी का जयकारा लगाते हैं। इस तरह पूरे देश में पटना के हनुमान जी की जय जयकार हाे रही है।

Sources:-Dainik Bhasakar

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