कोविड महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान एक मजदूर के दूसरे मजदूरों के काम काम आने की एक मार्मिक खबर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।

कर्नाटक में अब्दुर्रहमान ने दिनरात मजदूरी करके हज हात्रा के लिए पैसे एकत्र किए थे, लेकिन उन्होंने इस रकम को लॉकडाउन के कारण फंसे मजदूरों का पेट भरने पर खर्च कर दिया। मंगलौर जिले के बंतवाल निवासी 55 वर्षीय अब्दुर्रहमान की एक ही तमन्ना थी-मक्का-मदीना की हज यात्रा। 

इसके लिए उन्होंने पैसा भी एकत्र कर लिया था कि अचानक महामारी के कारण लॉकडाउन का दौर शुरू हो गया। सभी कामगार घर बैठने को मजबूर हो गए। ऐसे में अब्दुर्रहमान ने अपना सारा पैसा यात्रा करने की जगह लोगों का पेट भरने पर खर्च कर दिया।

तीन मई तक लॉकडाउन लागू

मालूम हो कि देश में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए तीन मई तक लॉकडाउन लागू है। यह लॉकडाउन का दूसरा चरण है। अभी तक देश में कोरोना से 26917 लोग प्रभावित हो चुके हैं। इस बीच 5914 लोगों को अस्पताल से छुटी दी जा चुकी है। बाकी 20177 लोगों का देश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 

Sources:-Hindustan

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