बिहार की Mushroom Mahila, खाट के नीचे मशरूम की खेती से नारी शक्ति पुरस्कार तक, बीना देवी की सक्सेस स्टोरी जानते हैं?

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Patna: बॉलीवुड की मसाला फिल्मों में एक मां का किरदार होता है. काफी मेहनत के बाद वो परिवार पालती हैं और सक्सेस होती हैं. रीयल लाइफ का रूख करें तो हमारे सामने कई किरदार मिलेंगे. जिन्होंने आधी आबादी के पूरे हौसले की जीवंत कहानी समाज को दिखाई है. उनमें से एक हैं बीना देवी. मशरूम की खेती में जुड़ी मुंगेर की बीना देवी को नारी शक्ति पुरस्कार भी मिल चुका है.

हर महीने 90 हजार रुपए की कमाई 

बीना देवी ने खाट के नीचे मशरूम के कुछ पौधे लगाए. उसे साड़ी से ढक दिया. वक्त गुजरा और बीना देवी का नाम देश-दुनिया में फेमस हो गया. आज वो कई महिलाओं को आमदनी बढ़ाने में मदद और अपनी जैसी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं. बीना देवी हर महीने 90,000 रुपये की कमाई करती हैं. वो चार बच्चों को पढ़ा रही हैं. इसके अलावा बीना देवी महिलाओं को डिजिटली लिटरेट बना रही हैं. 700 महिलाओं को मोबाइल यूज करने की जानकारी देने के लिए भी टाटा ट्रस्ट से सम्मानित हो चुकी हैं.

मुंगेर की ‘मशरूम महिला’ बीना देवी 

बीना देवी की सक्सेस स्टोरी को दुनियाभर में तारीफें मिल रही हैं. उस सक्सेस स्टोरी को समझने के पहले सालों पीछे जाना होगा. बीना की शादी बिहार के मुंगेर जिले के धौरी गांव में हुई. वो दूसरी महिलाओं की तरह अधिकांश समय घर में और घर के कामकाज में गुजारती थी.

गांव में महिलाओं के बाहर काम करने पर अघोषित पाबंदी थी. वो कुछ करना चाहती थीं, अपने और अपनी जैसी महिलाओं के लिए. ट्रेनिंग लेकर मशरूम की खेती शुरू की. पहले एक किलो मशरूम को उगाया. जल्द ही बीना देवी मुंगेर में मशरूम महिला के नाम से फेमस हो गईं. वो दूसरी महिलाओं को भी सशक्त बना रही हैं.

2013 में शुरू की मशरूम की खेती 

बीना देवी की सक्सेस स्टोरी 2013 में शुरू हुई थी. उन्होंने एक खाट के नीचे मशरूम उगाना शुरू किया. इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र की मदद भी ली. उन्हें सफलता मिली और वो एक सफल नारी बनकर सामने आई हैं. उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार भी मिल चुका है. बीना को शुरू में लोगों के ताने भी सुनने पड़े. आज ताने मारने वाले लोग भी उनकी तारीफ करने से नहीं चूकते हैं.

Source: Prabhat Khabar

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