मुआवजे को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं नीतीश’- सुशील मोदी ने पूछा- खजूरबन्नी जैसा सारण में क्यों नहीं हो सकता?

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राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि जहरीली शराब कांड के पीड़ितों को सरकार पहले मुआवजा दे, फिर इस राशि की वसूली की कार्रवाई करती रहे। नीतीश कुमार पीड़ितों की मदद को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं। मोदी ने कहा कि पहले तो सरकार साफ झूठ बोल रही थी कि जहरीली शराब से मृत्यु के मामले में मुआवजा देने का कोई प्रावधान ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने उत्पाद कानून की धारा-42 में मुआवजा देने के प्रावधान की बात सार्वजनिक की, तब सरकार ने इसे स्वीकार किया अब इस राशि की पहले जहरीली शराब बनाने-बेचने वालों से वसूली करने के नाम पर अड़ी हुई है। यह रवैया संवेदनहीन और गरीब-विरोधी है।

मोदी ने कहा कि नीतीश सरकार ने ही गोपालगंज के खजूरबन्नी में जहरीली शराब से मरे 19 लोगों के आश्रितों के लिए ‘पहले मुआवजा, फिर वसूली’ की नीति अपनाई थी। अब सारण के पीड़ितों के लिए यही नीति क्यों नहीं अपनाई जा सकती?

उन्होंने कहा कि मोटर वाहन कानून सहित कई मामलों में पहले पीड़ित को मुआवजा देने और बाद में दोषी व्यक्ति से वसूली का नियम है। मोदी ने फिर कहा कि भाजपा शराबबंदी कानून के पक्ष में है, लेकिन जहरीली शराब से मौत की घटनाओं को देखते हुए इस कानून को लागू करने के तौर-तरीके की समीक्षा चाहती है।

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