भगवान ने किसी भी शख्स को सबसे बड़ा और नायाब तोहफा जो दिया है वो है – ‘मां’। इस बार 12 मई को भारत समेत दुनिया के कई देश उसी मां के प्यार, त्याग और लगाव को सलाम करेंगे। जी हां 12 मई को मदर्स डे है। वैसे तो मां को हर दिन प्यार किया जाता है, लेकिन मां को प्यार और सम्मान देने के लिए कई देशों में अलग-अलग तारीख पर खास मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। भारत समेत कई देशों में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस बार मदर्स डे की थीम (Mother’s Day Theme) प्री स्कूल (Pre School) रखी गई है। मदर्स डे पर हर उम्र के लोग अपनी मां को तरह तरह के गिफ्ट व सरप्राइज देकर मदर्स डे विशे देते हैं। 

यहां जानते हैं इस दिन की शुरुआत कब और कैसे हुई- 

– आधुनिक दौर में मां को बेशुमार प्यार व सम्मान देने वाले इन दिन की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। माना जाता है कि अमेरिकी एक्टिविस्ट एना जार्विस की मदर्स डे मनाए जाने का ट्रेंड शुरू करने में सबसे बड़ी भूमिका रही। अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। उन्होंने न कभी शादी की और न कोई बच्चा था। वो हमेशा अपनी मां के साथ रहीं। वहीं, मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन की शुरुआत की। फिर धीरे-धीरे कई देशों में मदर्स डे ( Mother’s Day ) मनाया जाने लगा। 

– 9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्ड डे मनाया जाएगा। 

– अमेरिका में इस लॉ के पास होने के बाद भारत और कई देशों में मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाने लगा। 

Sources:-Hindustan

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