माता की मूर्ति चोरी करने के कुछ देर बाद हो गई बेटे की मौत, चोर ने मंदिर में रो-रोकर मांगी माफी

आस्था

पटना यूपी के हमीरपुर में एक ऐसा मंदिर है जहां भगवान की मूर्ति चुराने के बाद चोर खुद उसे वापस रखने मंदिर आए थे। चोरों ने भगवान के सामने घुटनों के बल बैठ रो-रोकर माफी मांगी थी। एक चोर का कहना था, मूर्ति चुराने का बाद वह कई रात तक सो नहीं पाया। दंड भोगने के सपने आने लगे। कुछ दिन के अंदर बेटे और फिर पत्नी की मौत हो गई।

हमीरपुर जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे-86 पर आनूपुर मोड़ के पास बीबीपुर गांव में लक्ष्मीनारायण का मंदिर है। यह मौजूदा समय में खंडहर में बदल चुका है। बताते हैं कि सैकड़ों साल पहले इस मंदिर में छोटेलाल वाजपेई के पुरखों ने लक्ष्मीनारायण की मूर्ति की स्थापना कराई थी।पास में गौरीशंकर और मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर भी स्थित है। ग्रामीण राम प्रकाश बताते हैं, 30 साल पहले मंदिर में बारिश की वजह से लोग भगवान लक्ष्मीनारायण का जलाभिषेक करना भूल गए। उस दिन मंदिर के आकाशीय बिजली गिरी, बिजली की गड़गड़ाहट से पूरा गांव सहम गया। उसके बाद रात में ही लोग मंदिर गए और पूजा कर माफी मांगी।

बताया जाता है कि जहानाबाद के देवमऊ गांव के पाण्डेय एक बार बीबीपुर से होते हुए अपनी ससुराल गए थे। लौटते समय वो मंदिर से लक्ष्मीनारायण की मूर्ति चुराकर अपने घर ले गए। कुछ दिन बाद उनके जवान बेटे की अचानक मौत हो गई, उसके तीसरे दिन पत्नी की भी मौत हो गई। पत्नी और बेटे की आकस्मिक मौत के बाद पाण्डेय के सपने में लक्ष्मीनारायण आए और मूर्ति वापस मंदिर पहुंचाने के लिए कहा। इसके बाद पाण्डेय एक दिन चुपके से मंदिर पहुंचा और मूर्ति के सामने सिर रखकर रो-रोकर कहा कि मूर्ति चुराने पर उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी। छोटेलाल ने उसे देख लिया था।

छोटेलाल के बेटे रमाकांत ने बताया, आरोपी की एक आंख खराब थी। लक्ष्मीनारायण की मूर्ति की दोबारा स्थापना कराने के लिए उसने चांदी के 25 सिक्के दिए थे।

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