मोदी नहीं बिहार के भाजपा नेताओं से खफा हैं अनंत सिंह, चपरासी दे गया था कार्ड

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पटना:  प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी शनिवार को मोकामा टाल में आये थे . सरकारी कार्यक्रम था . सरकार में बनी-बनाई परंपरा है कि ऐसे कार्यक्रमों में स्‍थानीय विधायक निश्चित तौर पर बतौर अतिथि आमंत्रित किये जाते हैं . विज्ञापनों में नाम छपता है . अभी मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह हैं . किसी पार्टी के रहमो-करम से नहीं,2015 के विधान सभा चुनाव में जेल में रहते हुए फिर से विधायक बने . लेकिन नरेन्‍द्र मोदी के कार्यक्रम को मोकामा में सफल बनाने का जिम्‍मा उठाए बिहार भाजपा के नेताओं ने अनंत सिंह को नहीं बुलाया . इसे लेकर अनंत सिंह समर्थक उदास तो हैं हीं, स्‍वयं विधायक भी बिहार भाजपा के नेताओं से खफा हैं .

अनंत सिंह कहते हैं कि मुझे आने को किसी ने नहीं कहा . इसमें प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी का कोई दोष नहीं है . उन्‍हें क्‍या पता कि किसे बुला रहे हैं और किसे नहीं . गलती घमंड में डूबे बिहार भाजपा के नेताओं की है . अनंत सिंह के करीबी बताते हैं कि कार्यक्रम से एक दिन पहले चपरासी किस्‍म का कोई व्‍यक्ति कोठी पर सिर्फ कार्ड दे गया था . बातचीत में अनंत सिंह यह भी कहते हैं कि बिहार भाजपा के अध्‍यक्ष नित्‍यानंद राय ने उन्‍हें कॉल जरुर किया था . पर यह कॉल प्रधान मंत्री की सभा में क्षेत्र के लोगों को भेज देने मात्र के लिए किया गया था . मैंने अपने लोगों से कहा भी कि वे सभा में जाएं .

Modi bihar visit

मोकामा में प्रधान मंत्री की सभा में अनंत सिंह को ना बुलाया जाना अभी टॉक ऑफ दि टाउन बना हुआ है . इसके पीछे बड़ा कारण यह कि नरेन्‍द्र मोदी की सभा में स्‍टेज पर पहली पंक्ति में मधेपुरा के सांसद पप्‍पू यादव को भी जगह मिली थी . पप्‍पू को वेटेज इतना मिला कि कई केन्‍द्रीय और बिहार के मंत्रियों की कुर्सी उनके पीछे की पंक्ति में लगी . मोकामा में लोग पूछ रहे हैं कि जब नरेन्‍द्र मोदी की स्‍टेज पर पप्‍पू यादव रह सकते थे,तो फिर अनंत सिंह को आमंत्रण क्‍यों नहीं .

अनंत सिंह को आमंत्रण न भेजे जाने के पीछे की स्‍टोरी पर भी मोकामा में खूब चर्चा हो रही है . जानकार कह रहे हैं कि बिहार भाजपा के प्रेसीडेंट नित्‍यांनद राय के साथ पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की यारी है . कुछ लोग कारोबारी रिलेशनशिप की बात भी करते हैं . सूरजभान सिंह की पत्‍नी वीणा देवी अभी मुंगेर की लोजपा सांसद हैं . फिर सूरजभान सिंह और अनंत सिंह के बीच छत्‍तीस के रिश्‍ते को सभी जानते हैं . ऐसे में,लोग कह रहे हैं कि इस कारण ही अनंत सिंह को बिहार भाजपा के नेताओं ने इग्‍नोर कर दिया .

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