माइक्रोसॉफ्ट, पेटीएम और TCS जैसी दिग्गज कंपनियां इसलिए आ रहीं बिहार..

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बिहार में इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश के द्वार खोलने के लिए 13-14 सितंबर को आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश की एल एंड टी, स्मार्ट वर्ल्ड, ऑरेक्कल, माइक्रोसॉफ्ट, पेटीएम, टीसीएस, ऑरेंज समेत अन्य प्रसिद्ध कंपनियों ने आने की सहमति दे दी है।
दो दिनों तक चलने वाले आईटी कॉन्क्लेव में 13 सितंबर को बीआईटी पटना में हैकथॉन का आयोजन किया जायेगा। इसमें कंपनियां आयेंगी व समस्याओं का समाधान के बारे में बतायेगी। वहीं, 14 सितंबर को होटल मौर्या में आईटी कॉनक्लेव में पैनल डिस्कसन होगा और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का मौका दिया जायेगा। 14 सितंबर के समारोह में सीएम नीतीश कुमार के साथ केंद्रीय सूचना व प्रावैधिकी सह विधिमंत्री रविशंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री सह आईटी मंत्री सुशील कुमार मोदी मौजूद रहेंगे।
सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना व प्रावैधिकी विभाग के सचिव राहुल सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आईटी कॉन्क्लेव में नामी कंपनियां आये और बिहार में निवेश में उन्हें क्या कमियां दिखती हैं और क्या चीज उन्हें आकर्षित करना है यह बताएं, ताकि बिहार सरकार उन्हें वह सारी सुविधा दे सके, जिससे वे निवेश कर सकें। उन्होंने कहा कि आईटी कॉन्क्लेव में 100 से 150 कंपनियां आयेंगी। इसमें बड़ी कंपनियों के हेड, सेकेंड या बोर्ड मेंबर को ही आने को कहा गया है। इसके अलावा स्टॉर्टअप से लघु श्रेणी के उद्यमियों को भी बुलाया गया है, ताकि उनकी अपेक्षाओं को जाना जा सके।
दो विषयों पर होगा पैनल डिस्कसन: आईटी सचिव राहुल सिंह ने बताया कि दो विषयों पर पैनल डिस्कसन होगा। इस पर सोमवार को अंतिम निर्णय ले लिया जायेगा। बीपीओ सेक्टर, मैनुफैक्चरिंग या आईटी विषय पर पैनल डिस्कसन होगा। इसमें आइटी कॉन्क्लेव में शामिल होने वाली सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को भाग लेने का मौका दिया जायेगा।

अक्तूबर-नवंबर में शहरों में होगा रोड शो राहुल सिंह ने बताया कि आइटी कॉन्क्लेव के बाद अक्तूबर-नवंबर महीने में अलग-अलग शहरों में रोड शो का आयोजन किया जायेगा। बंगलुरू, पुणे, दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा समेत अन्य शहरों में इसका आयोजन किया जायेगा। बिहार फाउंडेशन समेत अन्य को इससे जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पर नजर रखने के लिए विभाग में सुविधा केंद्र भी बनाये जा रहे हैं, जिससे लगातार मॉनीटरिंग हो सकेगी।

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