दिल्ली से हावड़ा की दूरी होगी कम, 160 km/hr की रफ्तार से ट्रेन परिचालन के लिए 6975 करोड़ खर्च कर पटरी को सुधारने की तैयारी

राष्ट्रीय खबरें

कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर ने ट्रेनों के संचालन पर ब्रेक लगा दी थी। अब महामारी का प्रकोप थमा तो रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए ज्यादातर मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें बहाल कर दीं। उत्तर मध्य रेलवे की बात करें तो अब 86 फीसदी ट्रेनें पटरी पर दौड़ने लगी हैं। बची हुई ट्रेनों को भी जल्द दौड़ाने की तैयारी है। ख़ुशी की बात बिहार व झारखंड से गुजरने वाली हावड़ा-दिल्ली रूट पर 160 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलेगी। इसके लिए ‘मिशन रफ्तार‘ के तहत दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा से ट्रेनों के परिचालन के लिए इंफ्रास्ट्रेक्चर में सुधार के लिए तेजी से कार्य हो रहें है। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्य होते हुए दिल्ली तथा पश्चिम बंगाल के मध्य तीव्र और सुरक्षित रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

पूर्व मध्य रेल के धनबाद और मुगलसराय रेल मंडल में ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से करने की दिशा में कार्य जारी है। 15 सौ किमी की ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड के रास्ते 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति के अनुकूल बनाने के लिए ढांचागत सुधार पर अनुमानित रूप से 6975 करोड़ रुपये खर्च होगी। धनबाद मंडल के प्रधान खांटा से मुगलसराय तक 417 रूट किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर 2050 करोड़ रूपए खर्च होगी।

मेटेंनेंस कार्य पर चालू वित्त वर्ष में पूर्व मध्य रेल को इस परियोजना के मद में 408 करोड़ रूपए का आवंटन किया है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद दिल्ली से हावड़ा की दूरी मात्र 12 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे यात्रा समय में काफी बचत होगी। ढांचागत सुधार के क्रम में मिट्टी के कार्य, बलास्ट, थीक वेब स्वीच आदि का निर्माण कराया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तथा यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) मानक स्थापित किए जाएंगे। इनमें रेलवे ट्रैक का नवीनीकरण, रेल पुलों का उन्नयन, सिगनल प्रणाली का आधुनिकीकरण जैसे कार्य कार्य भी शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.