मीसा भारती का बिजवासन फार्म हाउस बना है ढाई एकड़ में, दिल्ली में हैं दो फार्म हाउस

खबरें बिहार की

भारत में फार्म हाउस कल्चर अमीरी का नया रूप है। अथाह धन रखने वालों के लिए यह स्टेटस सिम्बल भी है। भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह सबसे बेहतर पूंजी निवेश है। आज के दौर में जिनके पास बहुत पैसा है उनके नाम पर एक फार्म हाउस जरूर है।

लालू प्रसाद की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के पास दिल्ली में दो फार्म हाउस हैं। एक बिजवासन में और दूसरा घटोरनी में।

मीसा भारती का बिजवासन स्थित फार्म हाउस ढाई एकड़ में है। इसे पालम फार्म के नाम से जाना जाता है। इस फार्म हाउस का नंबर 26 है। खुले बाजार में इसकी कीमत 25 करोड़ से 40 करोड़ के बीच बताई जा रही है। इसके दोनों छोर पर दो बड़े-बड़े लोहे के गेट हैं। आठ फुट ऊंची चारदीवारी के साथ चारों तरफ अहाते के भीतर अशोक के 15-15 फीट ऊंचे पेड़ लगे हैं। फार्म हाउस में एक पोर्टा केबिन है। बाउंड्री के भीतर दो निजी सुरक्षाकर्मी रहते हैं ।

New Delhi: RJD MP Misa Bharti’s house in Sainik Farm during a raid conducted by the Enforcement Directorate (ED) officials, in New Delhi on Saturday. PTI Photo(PTI7_8_2017_000144A)

बिजवासन फार्म हाउस सालापुर के खेड़ा गांव मार्ग पर है। यहा के कई फार्म हाउस में सब्जिया उगाई जा रही हैं, लेकिन इस फार्म हाउस की जमीन पर खेती करना महंगा सौदा है। इस फार्म हाउस में खेती करने के लिए सालाना ढाई लाख रुपये कीमत देनी पड़ती है। सालापुर खेड़ी गांव आने-जाने के लिए दो रास्ते हैं। दोनों ही रास्ते कीचड़ व पानी से भरे रहते हैं। ऐसे में इस फार्म हाउस के बाद आगे निकलना मुश्किल है। ऐसे में ज्यादातर लोग गुड़गांव के सेक्टर-21 से होकर यहां आते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव की इस जमीन पर शुरू में ईट भट्ठे का काम होता था।

New Delhi: Misa Bharti outside her farmhouse in Ghitorni during a raid conducted by the Enforcement Directorate (ED) officials, in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Atul Yadav(PTI7_8_2017_000093B)

इसलिए यहां की जमीन काफी नीचे है। जमीन बिक गई। जो लोग यहा पर जमीन ले चुके हैं, वे उसका व्यावसायिक उपयोग भी कर रहे हैं। कुछ लोगों ने खेती करने के बजाय यहां पर वेयरहाउस बना दिया है। वे कंपनियों की गाड़िया खड़ी कर सालाना लाखों रुपये का कारोबार कर रहे हैं।

शहर के नजदीक ग्रामीण इलाके में जमीन खरीद कर फार्म हाउस बनाने का चलन शुरू हुआ है। इसके लिए खेती की जमीन जरूरी होती है।

खेती के निर्धारित एरिया में निर्माण नहीं कराया जा सकता। जमीन के कुछ हिस्से में रहने के लिए कॉटेज बनाया जाता है। स्विमिंग पुल, गार्डेन और हरियाली और अन्य सुख सुविधाओं के कारण यहां रहना बहुत सुकून वाला होता है। आजकल फार्म हाउस में कॉरपोरेट पार्टियां, शादी समारोह और डिप्लोमेटिक मीटिंग होने लगी है। इससे फार्म हाउस के मालिक को मोटी कमाई होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.