मिलिए भगत सिंह आइसक्रीमवाला से! 90 की उम्र में छोरों जैसी फिटनेस, इस कंपनी ने बनाया है ब्रांड एंबेसडर

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अमिताभ की एक चर्चित फिल्म है, ‘बूढ़ा होगा तेरा बाप’. इस फिल्म को रीयल लाइफ में पटना के एक बुजुर्ग चरितार्थ कर रहे हैं. दरअसल इस व्यक्ति को बुजुर्ग कहना भी गलत होगा क्योंकि इनके जोश के आगे युवा भी टिक ना पाएं. जन्म से यूपी के और कर्म से पटना के रहने वाले राम अवतार तिवारी जिन्हें 69 सालों से पटना वाले भगत सिंह आइसक्रीम वाला के नाम से जानते हैं.

जी हां, भगत सिंह जैसी टोपी, उनके जैसी मूंछ और उनके जैसा ही यूनिफॉर्म पहने पिछले 69 सालों से पटना की सड़कों पर आइसक्रीम खिला रहे हैं. सबसे ताज्जुब की बात यह है कि लगभग सात दशकों से एक ही कंपनी की आइसक्रीम पटना की सड़कों पर घूम-घूम कर बेच रहे हैं. यह सिलसिला रोज 10 घंटों तक चलता है. 90 की उम्र में भी करीब डेढ़ लाख का आइसक्रीम बेच देते हैं. यहीं कारण है कि कंपनी ने इनको अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है.

लालू-मोदी भी हैं इनके आइसक्रीम के दीवाने

राम अवतार तिवारी उर्फ भगत सिंह आइसक्रीम वाला 1954 से पटना में आइसक्रीम बेच रहे हैं. साइकिल से उन्होंने आइसक्रीम बेचने की शुरुआत की और अब यह सिलसिला ई-रिक्शे पर जारी है. प्रतिदिन दोपहर 12 बजे अपनी आइसक्रीम वाली गाड़ी लेकर पटना के छज्जूबाग से एग्जीबिशन रोड, भट्टाचार्य रोड, कदमकुआं, दरियापुर, लंगरटोली, मखनियां कुआं, खजांची रोड, रमना रोड, महेंद्रू समेत कई जगहों पर अपने आइसक्रीम की गाड़ी लगाते हैं. करीब 10 घंटे तक आइसक्रीम बेचने के बाद करीब रात के 11 बजे अपने घर पहुंचते हैं और फिर डिनर बनाने में लग जाते हैं. रात को 1 बजे खाना खा कर सोते हैं.

राम अवतार तिवारी पिछले सात दशकों से लगभग चार पीढियों को आइसक्रीम खिला चुके हैं. वह बताते हैं कि जिन स्कूल के बच्चों को उन्होंने आइसक्रीम खिलाई, उनमें से कई IAS-IPS बन गए, तो कई अब रिटायर भी हो गए हैं. स्टूडेंट लाइफ में उन्होंने लालू प्रसाद यादव, सुशील कुमार मोदी, अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा और शेखर सुमन समेत कई बड़े-बड़े डॉक्टर, अधिकारी भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

खुद को स्वावलंबी रखना चाहते हैं राम अवतार

इस उम्र में भी काम करने का मकसद है कि वो स्वावलंबी रहना चाहते हैं और वह किसी के ऊपर बोझ नहीं बनना चाहते हैं. वह फिजिकली काफी फिट हैं. आगे भी यह काम करते रहना चाहते हैं. इस उम्र में जोड़ो के दर्द के अलावा कोई समस्या नहीं है. उनका कहना है कि सालों से चलते आ रहे हैं. रूटीन को आज भी फॉलो करते हैं. एक घंटा रोज योग करते हैं साथ ही बाहर का कुछ भी नहीं खाते हैं. जब तक भगवान का बुलावा न आए तबतक यही काम करते रहना उनकी अन्तिम इच्छा है.

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