MDM से शिक्षकों की छुट्टी, ISCON मंदिर में प्रसाद बनाने वाले अब बनाएंगे मिड-डे मील

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गुरुजी को अब स्कूलों में खाना जुटाने की मशक्कत से छुट्टी मिल जाएगी। स्कूल में पढ़ाई होगी और मंदिर वाले बच्चों के लिए खाना बनाएंगे। जल्द ही पटना के 150 स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू होने जा रही है।

कोर्ट के आदेश के बाद अब मिड डे मील से शिक्षकों को दूर रखने की कवायद शुरू हो गयी है। मधुबनी और जहानाबाद में जीविका दीदी को मिड डे मील की जिम्मेवारी दी जा रही है। वहीं, पटना शहरी क्षेत्र में यह जिम्मेवारी इस्कॉन टेंपल, कर्नाटक के अक्षय पात्र को दी गई है। अक्षय पात्र इस्कॉन सोसाइटी की एक स्वयंसेवी संस्था है।

रसोई के लिए दी जा रही जमीन: जिला शिक्षा कार्यालय अक्षय पात्र को सामूहिक रसोई के लिए जगह उपलब्ध करवा रहा है। जगह सरकारी स्कूल या कोई सरकारी जमीन होगी। सामूहिक रसोई के लिए अक्षय पात्र को एक एकड़ जमीन चाहिए। उम्मीद की जा रही है कि जुलाई से स्कूलों में मिड डे मील बनना बंद हो जायेगा।

15 हजार बच्चों का एक साथ बनेगा खाना : अक्षय पात्र की पटना में एक सामूहिक रसोई होगी। रसोई में एक साथ एक तरह का खाना बनेगा। खाना बनने के बाद गाड़ियों से हर स्कूल में भेजा जायेगा। इसके लिए सारी व्यवस्था अक्षय पात्र स्वयंसेवी संस्था को ही करनी है। जिला शिक्षा कार्यालय की मानें तो बच्चे की संख्या के अनुसार स्कूल में खाना भेजा जायेगा। खाने के लिए गरम कंटेनर का इस्तेमाल होगा।

मिड डे मील योजना से शिक्षकों को हटा दिया जाएगा। इसके लिए पटना के शहरी क्षेत्र में अक्षय पात्र स्वयंसेवी संस्था को इसकी जिम्मेवारी दी जा रही है। अब एक जगह सभी बच्चों को सामूहिक खाना बनेगा और फिर सारे विद्यालयों में सप्लाई की जायेगी। – ललित नारायण, डीपीओ, मिड डे मील

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