भूकंप से बर्बाद हुआ मेक्सिको- 7.1 तीव्रता का भूकंप, 300 से ज़्यादा लोगों की मौत

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मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी में आए शक्तिशाली भूकंप में 300 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों इमारतें जमींदोज़ हो गई हैं.

राहतकर्मी मलबों में जीवित बचे लोगों की तलाश का अभियान चला रहे हैं और अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

मेक्सिको सिटी के एक स्कूल के बारे में माना जा रहा है कि वहां बच्चे फंसे हो सकते हैं. बड़े पैमाने पर वॉलेंटियर्स आपातकालीन सेवाओं के लिए तैनात हैं.

मेक्सिको के राष्ट्रपति ने टीवी पर दिए एक संदेश में कहा कि सेना बुलाई गई है और बचाव और राहत कार्य रात में भी जारी रखा जाएगा.

 

रिक्टर पैमाने पर 7.1 की तीव्रता वाले भूकंप ने मेक्सिको सिटी, मोरलियोस और पुएब्ला प्रांतों में भारी तबाही मचाई है.

मेक्सिको में 32 साल पहले ठीक इसी तारीख को एक तबाही वाला भूकंप आया था जिसमें 10,000 लोग मारे गए थे.

मंगलवार को मेक्सिको सिटी में लोग भूकंप के समय बचाव कैसे किया जाए उसका ड्रिल कर रहे थे तभी ये तबाही हुई.

मेक्सिको सिटी के एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए विमान यातायात रोक दिया गया था और पूरे शहर की इमारतें खाली करवा ली गई थीं.

मेक्सिको में भूकंप की संभावना ज्यादा रहती है.
इसी महीने रिक्टर पैमाने पर 8.1 की तीव्रता का भूकंप देश के दक्षिणी हिस्से में आया था जिसमें कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई थी.

मंगलवार के भूकंप का केंद्र पुएब्ला प्रांत के एटेंसिगो के करीब था.
ये इलाका मेक्सिको सिटी से 120 किलोमीटर की दूरी है. अमरीकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप की गहराई 51 किलोमीटर थी.

अकेले मोरलियोस राज्य में 54 लोग मारे गए हैं और पुएब्लो में 26 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

 

मेक्सिको सिटी में 30 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है जबकि मेक्सिको प्रांत में नौ लोगों की मौत हुई है.

भूकंप स्थानीय समय के अनुसार एक बजकर 14 मिनट पर आया.
देश के राष्ट्रपति एनरिक पेना निएटो ने लोगों से अपील की है कि वो सड़कों पर न रुकें ताकि इमरजेंसी सेवाएं आसानी से प्रभावित इलाकों में पहुंच सकें.

राजधानी के कई इलाकों में फ़ोन सेवा बाधित है और क़रीब 40 लाख लोग बिना बिजली के हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है, “ईश्वर मेक्सिको सिटी के लोगों का ख़्याल रखें. हम आपके साथ हैं और हमेशा साथ रहेंगे.”

क्यों नहीं सुन पाए लोग भूकंप का अलार्म?

सेंट्रल मेक्सिको में मंगलवार आए शक्तिशाली भूकंप के कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शिकायतें की कि देश की सिस्मिक अलर्ट सिस्टम यानी भूकंप की चेतावनी देने वाली व्यवस्था ठीक काम नहीं कर रही है.

मेक्सिको सिटी की रोमा कॉलोनी में रहने वाली रोबर्टो रेन्टेरिया ने बीबीसी को बताया कि इमारतों के गिरने की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि “भूकंप अलार्म काफी देर में सुनाई दिया.”

मेक्सिको में आए शक्तिशाली भूकंप में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों इमारतें जमींदोज़ हो गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में कई लोगों ने कहा है कि उन्होंने भूकंप अलार्म की आवाज़ सुनी और झटके आने से पहले इमारतों से निकल कर बाहर खुले में आ गए.

भूगर्भ में होने वाली हलचल पर नज़र रखने वाली संस्था सेंटर ऑफ़ इंस्ट्रूमेन्टेशन एंड सिस्मिक रिकॉर्ड (सीआईआरईएस) के अधिकारी का कहना है, “सही समय पर रेडियो, टेलीविज़न और लाउडस्पीकर के ज़रिए भूकंप की चेतावनी जारी की गई थी.”

भूकंप के कारण ध्वस्त हुई इमारतों के मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है

बीबीसी ने इस बात की जांच की अलग-अलग इलाकों में रहने वालों को भूकंप अलार्म जल्दी या देर में क्यों सुनाई दिया.

सीआईआरईएस के शोधकर्ता आर्मेन्डो कुएयर मार्टिनेज़ ने बीबीसी को बताया, “मेक्सिको सिटी में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरह की मिट्टी पाई जाती है. ये एक वजह हो सकती है कि क्यों कुछ लोगों को भूकंप अलार्म की आवाज़ थोड़ी देर से सुनाई पड़ी.”

राजधानी के रोमा कॉलोनी जैसे इलाके जहां पर ‘नरम मिट्टी’ है वहां दूसरी जगहों की तुलना में भूकंप का झटका पहले महसूस हुआ.
कुएयर मार्टिनेज़ कहते हैं, “हालांकि अलार्म काम कर रहा था, लेकिन इन इलाकों में रहने वाले लोगों को ज़मीन का ऊपर उठना पहले महसूस हुआ जिस कारण लोगों में अचानक डर पैदा हो गया. कठोर मिट्टी वाली ज़मीन पर इस तरह हलचल देर में महसूस होती है.”

जानकार मानते हैं कि भूकंप की स्थिति में जान बचाने के लिए पहले कुछ सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. वो कहते हैं कि ऐसे वक्त में अलार्म सिस्टम के अनुसार घबराहट और तैयारी के लिए जो समय माना गया है वो सामान्य है या नहीं इस पर काफी कुछ निर्भर करता है.

भूकंप का केंद्र
कुएयर मार्टिनेज़ कहते हैं, “इसी साल 8 सितंबर को आए अलार्म को भूकंप आने के करीब 2 मिनट पहले सुना गया. इसका कारण था कि ये भूकंप मेक्सिको से दूर टुआंटेपेक की खाड़ी में आया था. लेकिन आज का भूकंप का केंद्र राजधानी से महज 170-180 किलोमीटर दूर ही था.”

कम शब्दों में कहा जाए तो भूकंप का केंद्र अलार्म सिस्टम से जितना नज़दीक होगा, सिस्टम के पास चेतावनी देने के लिए और आपके पास झटके महसूस करने के लिए उतना ही कम वक्त होगा.

मेक्सिको में भूकंप चेतावनी सिस्टम साल 1991 में लगाया गया था.

ये सिस्टम भूगर्भ में हो रही हलचल पर नज़र रखता है और भूकंप के बारे में तुरंत राजधानी और अन्य शहरों में लाउडस्पीकर, रेडियो, टेलीविज़न और फ़ोन के ज़रिए अलर्ट जारी करता है.

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