इंडियन प्रीमियर लीग के तीसरे मैच में जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने आरसीबी के खिलाफ अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान किया तो एक गरीब घर के बेटे का सपना पूरा हो गया. बात कर रहे हैं रिंकू सिंह की जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी टीम में जगह दी. रिंकू सिंह अलीगढ़ के रहने वाले हैं वो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और उन्हें बेहद विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है.

रिंकू सिंह के पिता घर-घर जाकर सिलेंडर की डिलीवरी करते हैं वहीं उनका बड़ा भाई ऑटो रिक्शा चलाता है. रिंकू सिंह के परिवार में 7 सदस्य हैं और उनके घर पर हर महीने 12 हजार रुपये आते हैं. मतलब रिंकू का बचपन बेहद तंग हालात में बीता है. हालांकि केकेआर से जुड़ते ही उनकी किस्मत बदल गई. रिंकू सिंह को केकेआर ने 80 लाख रु. में खरीदा है और बेंगलोर के खिलाफ पहले मैच में उन्हें जगह भी दी गई.

रिंकू सिंह सिर्फ 8वीं क्लास पास हैं और उन्हें क्रिकेट के अलावा कुछ और नहीं आता है. 20 साल के रिंकू सिंह 9 फर्स्ट क्लास मैचों में 49.42 के धमाकेदार औसत से 692 रन बना चुके हैं. लिस्ट ए क्रिकेट में भी उनका औसत 49.38 है. टी20 क्रिकेट में उनका स्ट्राइक रेट 133.45 है. उनके इसी प्रदर्शन को देखते हुए किंग्स इलेवन पंजाब ने भी खरीदा था लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला.

इसके बाद उन्होंने मुंबई इंडियंस कैंप में 31 गेंदों में 95 रन बनाए, इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में रिंकू ने 31 गेंदों में 37 रन जमाए. रिंकू ने कई ऐसी पारियां खेली जिसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 80 लाख रु. में खरीदा और अब रिंकू ने आईपीएल डेब्यू कर अपना सपना पूरा करने की शुरुआत भी कर दी है.

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