माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे आसान, भीड़ नियंत्रित करने के लिए कटड़ा से भवन तक बनाए गए छह सेक्टर

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नववर्ष पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के बावजूद इस बार माता वैष्णो के दर्शन करने में कोई मुश्किल नहीं आएगी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधार शिविर कटड़ा से लेकर भवन तक छह सेक्टर बनाए हैं। प्रत्येक सेक्टर में रणनीति के तहत भीड़ को व्यवस्थित रखा जाएगा।

श्रद्धालुओं को रोकने के स्थान भी चिह्नित

भवन पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने पर यात्रा मार्गों पर कई जगह श्रद्धालुओं को रोकने के स्थान भी चिह्नित कर लिए गए हैं। यात्रा पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं। यात्रा मार्गों पर पांच सौ उन्न्त कैमरे लगाए गए हैं। नव वर्ष के पहले दिन माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए देश भर के श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनका प्रयास रहता है कि 31 दिसंबर की रात्रि 12 बजे के बाद नया साल लगते ही माता के दर्शन कर लें। इसलिए भवन समेत पूरे यात्रा मार्ग पर भारी भीड़ हो जाती है। आगे बढ़ने के लिए धक्कामुक्की की स्थिति तक आ जाती है।

बीते वर्ष भगदड़ में गई थी 14 की जान

गत वर्ष के पहले दिन मध्यरात्रि को भवन भगदड़ में 14 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। ऐसी स्थिति से से निपटने के लिए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड  प्रशासन ने इस बार पुख्ता रणनीति बनाई है। इसके तहत पूरी यात्रा के लिए छह क्षेत्र (सेक्टर) बनाए हैं। इनमें आधार शिविर कटड़ा, बाणगंगा क्षेत्र, ताराकोट मार्ग, भैरव घाटी और मां वैष्णो देवी भवन क्षेत्र प्रमुख हैं। मनोकामना स्थल से निर्माणाधीन दुर्गा भवन तक हिस्से को भी एक सेक्टर बनाया गया है। प्रत्येक सेक्टर में श्राइन बोर्ड प्रशासन के डिप्टी सीईओ स्तर का अधिकारी तैनात रहेगा। सभी क्षेत्रों में तैनात श्राइन बोर्ड के मैनेजर स्तर के अधिकारी भी श्रद्धालुओं पर बारीकी नजर रखेंगे। संयुक्त सीईओ पल-पल की जानकारी लेंगे। इतना ही नहीं, इन सभी छह क्षेत्रों की निगरानी की कमान श्राइन बोर्ड के सीईओ के हाथ में रहेगी। इन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस और सीआरपीएफ की कंपनियां तैनात की जाएंगी।

खुफिया अधिकारी भी रखेंगे नजर

पूरी यात्रा पर खुफिया विभाग के अधिकारी पल-पल नजर रखेंगे। भवन के साथ ही ताराकोट मार्ग, आदिकुंवारी, बाणगंगा समेत कुछ और भी स्थानों पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। भवन पर संयुक्त कंट्रोल रूम रहेगा। इसकी निगरानी श्राइन बोर्ड प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर करेंगे। आधार शिविर कटड़ा में श्राइन बोर्ड के आध्यात्मिक केंद्र में प्रमुख कंट्रोल रूम दिनरात काम करेगा।

थ्रीडी क्षमता वाले 500 कैमरे लगेंगे

वैष्णो देवी यात्रा के प्रवेशद्वार दर्शन ड्योढ़ी से लेकर भवन तक और ताराकोट मार्ग व भैरव घाटी मार्ग पर करीब 500 सीसीटीवी कैमरे थ्रीडी क्षमता वाले लगाए गए हैं। मनोकामना स्थल से निर्माणाधीन दुर्गा भवन तक एक किलोमीटर मार्ग पर प्रत्येक 50 मीटर की दूरी पर श्राइन बोर्ड प्रशासन के इंफोर्समेंट विंग के साथ आपदा प्रबंधन, पुलिस व सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। इस 50 मीटर के हिस्से को भी सेक्टर का नाम दिया गया है। प्रत्येक सेक्टर में तैनात जवानों की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र में भीड़ न होने दें। दर्शन के बाद दुर्गा भवन पर बनाए निकासी मार्ग से ही श्रद्धालुओं को निकाला जाएगा।

बिना आरएफआइडी यात्रा कार्ड के इजाजत नहीं

यात्रा के लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआइडी) यात्रा कार्ड अनिवार्य है। इसके बिना भवन की ओर नहीं जा पाएंगे। अधिक भीड़ बढ़ने पर श्राइन बोर्ड कटड़ा से यह यात्रा कार्ड जारी करना रोक देगा। अगर भवन पर भीड़ बढ़ती है तो श्रद्धालुओं को आदिकुंवारी, हिमकोटि, सांझी छत, ताराकोट आदि जगह रोकने की व्यवस्था की गई है। आरएफआइडी कार्ड यात्रा पर्ची काउंटर पर कटड़ा में ही मिलेंगे। वहीं, नववर्ष पर श्रद्धालुओं के भारी वाहनों को निर्माणाधीन बस अड्डे पर ही रोका जाएगा। छोटे वाहनों को कटड़ा की ओर आने की अनुमति होगी।

नववर्ष पर माता के भवन पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। मां वैष्णो देवी भवन पर मनोकामना स्थल से लेकर निर्माणाधीन दुर्गा भवन तक महत्वपूर्ण रास्ते को भी विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है। इस एक किलोमीटर मार्ग पर रुकने, बैठने या सोने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। यात्रा पर निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

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