जदयू का मास्टरस्ट्रोक: अशोक चौधरी होंगे प्रदेश अध्यक्ष !

राजनीति

पटना: जनता दल यूनाइटेड ने लोक सभा चुनाव की तैयारी के लिए ढीले पड़े संगठन के कल पुर्जे  कसना शुरू कर दिया है। पार्टी के थिंक टैंक माने जाने वाले राज्य सभा सांसद  आरसीपी सिंह रोड शो कर अपनी ताकत को नाप रहे है, वही दूसरे  छोर से संगठन के स्तर पर बड़े बदलाव की खबर आ रही है। कांग्रेस को छोड़ कर नीतीश का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री डा. अशोक चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की तैयारी चल रही है।

अशोक चौधरी दलित वर्ग के उस चेहरे का प्रतिनिधित्व करते है, जो अच्छे वक्ता, पढ़ें-लिखे व्यक्तित्व, बेहतर संगठनकर्ता जैसे कई मामलों में सशक्त माने जाते हैं।यही गुण नीतीश कुमार की राजनीति में  उन्हें अनुकूल बनाता है। अनुभव के लिहाज से भी अशोक चौधरी का कोई जोड़ नहीं है। सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी कांग्रेस के दिवंगत नेता पूर्व मंत्री महावीर चौधरी के पुत्र अशोक चौधरी जदयू  के लिए खास है। बीते एक दशक तक कांग्रेस के बिहार इकाई की कमान अशोक चौधरी के हाथों में रही है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में इनके कार्यकाल के दौरान ही कांग्रेस को बिहार में 27 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
नीतीश कुमार का आधार मतदाता भी दलित वर्ग ही रहा है, लेकिन संगठन में अहम् पदों पर दलितों को भागीदारी का इससे बड़ा मौका नही आया है । सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद जदयू की बिहार इकाई के नये प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है। जदयू की ओर से और कई नेता प्रदेश अध्यक्ष के दौड़ में शामिल है, लेकिन नीतीश कुमार के करीबी होने के कारण अशोक चौधरी का पलड़ा भारी माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनने की स्थिति में अशोक चौधरी का मंत्रीमंडल में जगह तय माना जा रहा है।

ashok chaudhary suspended

जदयू की इस रणनीति से जीतन राम मांझी और उदय नारायण चौधरी के जाने से हुई आंशिक क्षति की भरपाई तो होगी ही, साथ ही साथ वशिष्ठ नारायण सिंह के बुजुर्ग होने के कारण राजनितिक अभियानों के लिए क्षेत्र भ्रमण में  अक्षमताएं पार्टी के अभियानों में आड़े आ रही थी। खबरों की माने तो नीतीश के काफी करीबी माने जाने वाले वशिष्ठ नारायण सिंह खुद ही इस्तीफा दे सकते है.
Source: National Varta

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