शहीद राजेश का पार्थिव शरीर पहुंचा पटना, बेगूसराय में होगा अंतिम संस्कार…

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में शहीद हुए जवानों में शामिल बिहार के राजेश सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार को दोपहर में पटना पहुंचा। यहां पहुंचने पर शहीद जवान राजेश सिंह को श्रद्धांजलि दिये जाने के बाद पार्थिव शरीर को बेगूसराय भेज दिया गया, जहां आज ही अंतिम संस्कार किये जाने की बात कही जा रही है।

बीहट मंझलीवन निवासी नवल किशोर प्रसाद सिंह के 28 वर्षीय पुत्र राजेश कुमार को दो बेटा और एक बेटी है। सबसे बड़ा बेटा पांच साल और छोटा बेटा तीन साल का है, जबकि बेटी अभी गोद में है।

जानकारी के मुताबिक, मात्र तीन दिन पूर्व ही अपनी भांजी का जन्मदिन मना कर वह ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी पर जाते समय उन्होंने अपनी पत्नी से वादा भी किया था कि वह जल्द ही लौट आयेंगे। पत्नी से किया अपना वादा पूरा करते हुए राजेश सिंह शहीद होकर घर लौट रहे हैं।

राजेश के शहीद होकर ऐसे लौटने की उम्मीद किसी को नहीं थी। शहीद होने का समाचार सुन कर शहीद राजेश की पत्नी की नजरों के सामने तीन दिन पहले की सभी गतिविधियां तरोताजा हो गयीं। दहाड़ मारती राजेश की पत्नी को देख उनके मासूम बच्चे भी सकते में हैं।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 16वीं वाहिनी के जवान राजेश की तैनाती किरदुल कैंप में थी। जब भी राजेश गांव आता था, गांववालों से हमेशा मिलते-जुलते रहता था। ड्यूटी पर जाने के समय भी वह सबसे मिल कर रवाना हुआ था।

लोगों को सहसा विश्वास ही नहीं हो पा रहा है कि तीन पूर्व खुशी-खुशी ड्यूटी पर रवाना होनेवाला राजेश अब शहीद होकर गांव लौट रहा है। राजेश के वृद्ध पिता मजदूरी कर लायक बनाया। परिवार की बागडोर राजेश के हाथों में सौंप कर वह निश्चिंत हो गये थे। परिवार में खुशहाली आ रही थी। अचानक आयी एक खबर ने परिवार की सारी खुशियां छीन ली।

वृद्ध पिता नवल किशोर सिंह बेटे के शहीद होने की खबर सुन कर बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं, राजेश की पत्नी की चीत्कार सुन कर दोनों मासूम बेटे स्तब्ध हैं।

मासूमों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि आखिर मां इतना क्यों रो रही हैं। इस दृश्य को मौजूद जिन लोगों ने देखा, आंखें नम हो गयीं। बहरहाल, परिजन राजेश के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे हैं।

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