बहादुर बेटीः 16 साल की उम्र में कर दिखाया वो कारनामा, देखती रह गई दुनिया…मां-बाप के आंसू छलके !

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सिर्फ 16 साल की उम्र में इस लड़की ने वो कारनामा कर दिखाया, पूरी दुनिया देखती रह गई। मां-बाप भी खुशी से फूले नहीं समा रहे, पीएम मोदी भी बेटी पर गर्व करेंगे।

बात हो रही है, हरियाणा की 16 वर्षीय निशानेबाज मनु भाकर की, जिन्होंने जर्मनी के सुहल में चल रहे आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। मनु ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल में 242.5 अंकों के साथ पीला तमगा जीता, यह जूनियर कैटेगरी का नया विश्व रिकॉर्ड है। यह मनु का इस वर्ष विश्व कप का सातवां स्वर्ण पदक है। स्पर्धा का रजत व कांस्य पदक चीन की केईमैन लयू (236.9) और झू ली (216.2) ने जीता। इससे पहले मनु ने महिमा अग्रवाल और देवांशी राणा के साथ टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

मनु भाकर वही शूटर हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को शूटिंग में गोल्ड मेडल दिलाया था। मनु ने 240.9 अंक के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड भी बनाया। मनु ने अब तक दो रिकॉर्ड ध्वस्त किए। एक, मनु ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल में हमवतन और पूर्व नंबर एक निशानेबाज हीना को पछाड़कर इन खेलों का अपना पहला पीला तमगा जीतकर इन्हें यादगार बना दिया था। इससे पहले मनु ने क्वालिफिकेशन में भी 386 का स्कोर कर रिकॉर्ड बनाया।

 

बेटी को निशानेबाज बनाने के लिए पिता ने छोड़ दी नौकरी
हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव की मनु भाकर बॉक्सिंग और मार्शल आर्ट में भी पदक जीत चुकीं हैं। मनु का करियर इन खेलों में चोट लगने पर मां ने खत्म करा दिया, लेकिन मर्चेंट नेवी में इंजीनियर पिता रामकिशन ने दो साल पहले उनके हाथ में पिस्टल थमाई। स्कूल में बनी एकेडमी में पढ़ाई के बाद रोजाना 6 से 7 घंटे निशाने लगाने के जुनून ने भी मनु के कदम शूटिंग की तरफ बढ़ाए। शूटिंग में बेटी की रुचि बढ़ती देखकर पिता रामकिशन ने उसे शूटर बनाने की ठानी। इसके लिए उन्होंने नौकरी भी छोड़ दी।

दो साल पहले ही शूटिंग शुरू की थी
मनु की मां सुमेधा भाकर बताती हैं कि शूटिंग शुरू किए मनु को अभी सिर्फ दो साल हुए हैं। इससे पहले वह एक मुक्केबाज थीं, लेकिन आंख में चोट लगने की वजह से उसने मुक्केबाजी छोड़ दी, उसकी जान पर भी बन गई थी, पर किस्मत ने साथ दिया। लेकिन मनु ने खेल के प्रति अपना जज्बा कम नहीं होने दिया और शूटिंग में करियर बनाया। मनु पिछले साल भी आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 49वें नंबर पर रहीं थीं।

मनु भाकर हर साल बदलती है खेल
मनु शूटिंग से पहले 6 खेलों में भी खुद को आजमा चुकी हैं। वह हर साल खेल बदलती है। वह अब तक कराटे, थांग टा, टांता, स्केटिंग, स्वीमिंग और टेनिस खेल चुकी है। कराटे, थांग टा और टांता में नेशनल लेवल पर मेडल जीत चुकी है। टांता में लगातार तीन बार नेशनल चैंपियन रही। स्केटिंग में भी स्टेट मेडल जीत चुकी है। मनु ने स्कूल लेवल पर स्वीमिंग और टेनिस भी खेला है। फाइनली शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर चैम्पियन बनी।

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