गंगा किनारे बैठकर रोया था बिहार का ये लाल, पुलिस में भर्ती होने का था शौक

एक बिहारी सब पर भारी

मनोज तिवारी को वैसे तो लोग भोजपुरी गानों और फिल्मों के लिए पहचानते थे लेकिन आज वो बिहार ही नहीं पूरे देश के एक बड़े नेता के रूप में उभर रहे हैं। गांव की गलियों से निकलकर मनोज आज दिल्ली पर राज कर रहे हैं।

दरअसल मनोज तिवारी की ज़िंदगी इतनी सहज ना थी। गांव में गरीबी रेखा के नीचे जी रहे एक परिवार के इस बेटे ने बनारस हिंदू विवि से अपनी पढ़ाई पूरी की। ये शायद कम लोग जानते होंगे कि मनोज तिवारी का सपना राजनीति और फिल्मों में जाना नहीं था।

मनोज तिवारी की मानें तो वो शुरू से ही पुलिस में भर्ती होना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने बहुत पापड़ भी बेले। पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज तिवारी लगातार पुलिस में भर्ती के लिए प्रयासरत रहे।

कापी कोशिश करने के बाद जब मनोज ने सफलता नहीं पाई तो अपने एक दोस्त का कहा मान उन्होंने गायकी की ओर कदम बढ़ाया। चूकि मनोज उस समय से ही गानों के शौकीन थे और उनकी आवाज़ भी काफी अच्छी थी इसलिए लोगों के बीच मशहूर होने में ज्यादा वक्त नहीं लगा।

बस फिर क्या था वो सफर जो मनोज ने शुरू किया था, आज भी जारी है लेकिन फर्क बस इतना है कि कल लोगों के दिलों पर राज करते थे और आज देश की धड़कन हैं। शायद मनोज तिवारी ने बी ये नहीं सोचा होगा कि बनारस के अस्सी घाट पर बैठ के रोने के बाद उन्हें सफलता के ऊंचाई भी देखने को मिलेगी।

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