कांग्रेस बोली- मांझी के पास अगर हैं 40 उम्मीदवार तो हम सभी सीटें छोड़ने को तैयार

राजनीति

हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव में 20 सीटों की मांग करने के बाद महागठबंधन में नेताओं की बयानबाजी तय हो गई है। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि जीतन राम मांझी के पास अगर 40 सीटों के लिए उम्मीदवार हैं तो कांग्रेस सभी सीटें छोड़ने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि मांझी एक मुख्य नेता हैं। उन्हें पता है उनकी भूमिका क्या है। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है। सबकुछ ठीक है। महागठबंधन में राजद सबसे बड़ी पार्टी है। एक साथ सभी दल बैठकर सीट बंटवारे पर फैसला कर लिया जाएगा। उन्होंने एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद होने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनडीए में जदयू ने भी तो 25 सीटों की मांग की थी। एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद हैं। महागठबंधन में कोई समस्या नहीं है।उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में हम एनडीए को हराने वालें हैं। इसके संकेत राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव परिणाम से मिल जाएंगे। एनडीए में छोटे और बड़े भाई को लेकर झगड़ा चल रहा है।

मांझी ने बढ़ाई लालू की मुश्किलें, कहा- लोकसभा में 20 और विधानसभा में चाहिए 120 सीटें : पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मांझी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बाद लोकसभा चुनाव में 20 और विधानसभा में 120 सीटें मांगी हैं। मांझी के बयान से लगता है कि उन्होनें महागठबंधन के भीतर सीटों के लिए मोर्चा खोल दिया है। मांझी का बयान अब महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी के सुप्रीमो लालू यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं ।

इससे पहले भी मांझी सीटों को लेकर अपने बागी तेवर दिखा चुके हैं। जीतनराम मांझी ने कहा था कि उन्हें अगर सम्मान जनक सीट नहीं मिली तो वह लोकसभा चुनाव से बाहर भी रह सकते है। हालांकि उन्होंने कहा कि महागठबंधन के हित में उनकी पार्टी एक भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ सकती है। महागठबंधन में पार्टियों की संख्या काफी अधिक है। इससे छोटे दलों को सीट शेयरिंग को लेकर डर भी सता रहा है कि उन्हें सीट मिलेगी भी या नहीं।

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