पाकिस्तान की जेल से रिहा हुआ बिहार युवक……

कही-सुनी

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की जेल से रिहा होकर जलालपुर का सुरेंद्र महतो जब सोमवार को घर पहुंचा तो देखने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा।11 वर्ष बाद मां तेतरा देवी से मिला तो गले लगकर फफक पड़ा। पिता रामानुज महतो उर्फ मनोज महतो तथा बहन आरती की आंखों से अविरल खुशी के आंसू बह रहे थे।

मानसिक संतुलन बिगड़ने के बाद भटक कर पहुंच गए थे पाकिस्तान :
बताते चलें कि 11 वर्ष पहले सुरेंद्र घर छोड़कर बाहर निकल गया था। घर से निकलने के एक साल पहले उसकी शादी हुई थी। दातून तोड़ने के क्रम में वह पेड़ से गिर गया। इससे उसका मानसिक संतुलन कुछ बिगड़ गया था। एक साल तक खोजबीन कर पिता थक गए। उधर, सुरेंद्र पंजाब से बहककर सीमा पार कर गया। सुरेंद्र ने बताया कि उसके पाकेट में एक भी पैसा नहीं था। गाड़ी वाले जब पैसे मांगते तब मैं बताता कि मेरे पास एक भी पैसा नहीं है।
इस पर वे गाड़ी रोक कर मुङो नीचे उतार देते। फिर कोई गाड़ी आती, वह लिफ्त मांगता और पैसे नहीं देने पर गाड़ी वाले उसे उतार देते। इसी क्रम में वह फिर पैदल चलता और भटकते हुए पाक सीमा में प्रवेश कर गया। पाक सैनिकों ने जासूस समझ कर मुङो जेल में बंद कर दिया। कुछ दिन तक प्रताड़ित भी किया। 1पाक जेल से छूटकर घर लौटने पर मां से लिपटा सुरेंद्रगुजरात के मछुआरों ने रास्ते में चुरा लिए पैसे 15 जुलाई 2017 को पाकिस्तान जेल में बंद गुजरात के 78 मछुआरों की रिहाई हुई।
उसमें शामिल 35 वर्षीय करनाला खमन को रिहाई की खबर सुनते ही हार्ट अटैक हो गया और उनकी मौत हो गई। खमन की मौत सुरेंद्र के लिए वरदान साबित हुई। 78 की संख्या पूरी करने के लिए सुरेंद्र को आजाद कर दिया गया। पाकिस्तान जेल की ओर से सुरेंद्र को एक लाल बैग और 10 हजार रुपये दिए गए। गुजरात के मछुआरों ने रास्ते में पैसे चुरा लिए।

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