25 सालों के बाद फिर बिखरेगा मलवरी सिल्क का जलवा ।

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बैकुंठपुर का सिरसा सिल्क उद्योग सारण-चंपारण का इकलौता सेरीकल्चर हब है। अंडी और मलवरी सिल्क के उत्पादन में अपनी धाक जमाने वाला यह रेशम उद्योग सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में पिछले 25 वर्षों से बंद था।

इसे चालू करने के लिए बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी ने उद्योग मंत्रालय को पत्र लिखा था। तो अब ये कहा जा सकता है कि सिरसा की मलवरी सिल्क फिर से अपनी चमक बिखेरने वाली है।

सेरीकल्चर के इस हब को पुनर्जीवित करने के लिए सरकारी स्तर पर कसरत शुरू हो गई है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो बरसात के बाद बैकुंठपुर के सिरसा में बंद पड़े रेशम उद्योग पर फिर से रौनक लौट आएगी।

सरकार ने सिरसा मलवरी सिल्क उद्योग के विकास के लिए 83 लाख रुपए की मंजूरी दे दी है। काम शुरू करने के लिए फरवरी महीने में ही 83.83 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी गई थी। अब आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार से टेंडर होने के बाद कार्य आवंटन और एग्रीमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । हस्तकरघा एवं रेशम विभाग बिहार, पटना के अधिकारी इसके नियंत्री पदाधिकारी होंगे।

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