महिलाओं में दिखा गजब का उत्साह, रसोई छोड़ बूथों पर पहुंचीं, वोट डाल लौटीं तो जला घर का चूल्हा

जानकारी प्रेरणादायक

अपना नेता चुनने को उत्साही बोचहां की महिलाएं मंगलवार को सुबह-सवेरे बूथों पर कतार में लग गईं। लोकतंत्र को सबल बनाने का उत्साह इतना कि बिना रसोई का काम निपटाये बूथों पर पहुंच गईं।  महिलाओं ने बताया कि खाना तो पीछे भी बन जायेगा लेकिन यहां हम पीछे रह गये तो लोकतंत्र पिछड़ने लगेगा, इसलिए सब काम छोड़ कर वोट डालने के लिए पहुंचे हैं।

मुशहरी प्रखंड में बने 102 नंबर बूथ पर सुबह आठ बजे वोट डालने पहुंची दीपा देवी और पूजा देवी ने बताया कि उनके घर में अभी रसोई नहीं बनी है। वोट डालकर जायेंगे तब चूल्हा जलेगा। उनके साथ कई और महिलाएं भी कतार में थीं जिन्हें जलपान से पहले मतदान की चिंता थी। दिन चढ़ने के साथ बूथों पर महिलाओं की आवक तेज हुई। बूथ संख्या 88 पर सुबह दस बजे महिलाओं की कतार पुरुषों से लंबी थी।

गोद में दस महीने का बच्चा लेकर पहुंची कजरी

वोट देने के उत्साह में कजरी अपने दस महीने के बच्चे को गोद में लेकर बूथ पर खड़ी थी। उसके साथ उसकी सास वीणा देवी भी आयीं थी। कजरी ने बताया कि उसके घर में बच्चा संभालने वाला कोई नहीं है। उसके पति दूसरे राज्य में काम करते हैं। वोट डालना जरूरी है, इसलिए बच्चे को गोद में लेकर वोट डालने आयी हूं। कजरी की सास वीणा देवी ने कहा कि सुबह-सुबह हमलोग घर से सीधे बूथ पर ही आये हैं, अभी मौसम ठीक है लेकिन कुछ देर बाद धूप निकल जायेगी तो दिक्कत होगी। बूथ संख्या 173 पर दोपहर 12 बजे राधा देवी भी अपने चार वर्ष के बच्चे राजीव को लेकर बूथ पर पहुंची। उसने बताया कि बच्चे अकेले नहीं रह सकते, इसलिए उसे भी लेकर आये हैं।

शादी के बाद पहली बार आयी वोट देने

बोचहां विधानसभा उपचुनाव में कई महिलाओं ने ससुराल में आकर पहली बार वोट दिया। मुशहरी के बूथ संख्या  139 क पर वोट डालने आयी आरती कुमारी ने बताया कि वह अपने ससुराल में पहली बार वोट डाल रही है। हालांकि उसने कहा कि शादी के छह वर्ष हो गये हैं लेकिन उसका वोटर कार्ड नहीं बन सका था, इस कारण वह वोट नहीं डाल रही थी। इस बार वोट पड़ा तो उसके पति ने ही बूथ पर जाने को प्रोत्साहित किया। महिलाओं के लिए अलग बूथ बनने से कोई परेशानी भी नहीं हुई।

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