तेजी से धंस रहा महात्मा गांधी सेतु, भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह होगा बंद

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पटना: राजधानी पटना का लाइफलाइन महात्मा गांधी सेतु पर भारी वाहनों का दबाव दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस कारण सेतु का आर्म्स तेजी से धंस रहा है। अगर ऐसा ही होता रहा तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन के कटने और स्टील का सुपर स्ट्रक्चर तैयार होने में अभी लंबा समय लगेगा। इस बीच पूर्वी लेन पर वाहनों का क्षमता से कई गुणा अधिक भार बढ़ जाने के कारण इस लेन का आर्म्स तेजी से धंसने और ऊपर उठने लगा है। इसका पुल निर्माण में लगी कंपनी की सर्वे टीम द्वारा निरीक्षण कर तैयार की गई ज्वाइंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट से हुआ है।

पाया संख्या एक से लेकर 46 तक की जांच में सुपर स्ट्रक्चर जिस 121 मीटर चौड़े आर्म्स पर टिका है उसके अनुमान सीमा से अधिक ऊपर-नीचे होने का पता चलते ही एनएच डिविजन के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। गुलजारबाग स्थित महात्मा गांधी सेतु प्रमंडल ने पटना एवं वैशाली के डीएम, एसएसपी, यातायात एसपी समेत अन्य अधिकारियों को पत्र लिख कर गांधी सेतु पर भारी वाहनों का आवागमन बंद किए जाने का अनुरोध किया है। जारी पत्र में ट्रक समेत अन्य भारी वाहनों के परिचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में पूछा है।

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पाया संख्या 36 के आर्म्स में आया ज्यादा झुकाव : एनएच डिविजन को प्राप्त ज्वाइंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट के अनुसार सेतु के सभी 46 पायों में से सबसे अधिक 265 एमएम झुकाव पाया संख्या 36 के दोनों आर्म्स में आया है। इस पाया का दोनों आर्म्स झुक गया है। वहीं पाया संख्या 10 का दोनों आर्म्स 246 एवं 236 एमएम ऊपर उठ गया है। पाया संख्या 22-23 में के आर्म्स में यह उठाव 182 व 168 एमएम रिकार्ड किया गया है। इसी तरह पाया संख्या 17-18 में के आर्म्स का उठाव 156 से 180 एमएम तक है। विभागीय अधिकारी का कहना है कि पूर्वी लेन के सर्वे की प्रक्रिया लगातार जारी है।

विभागीय अभियंताओं का कहना है कि गांधी सेतु पर लगातार लग रहे जाम और एक साथ सैकड़ों वाहनों के खड़े रहने के कारण पूरा भार आर्म्स व सुपर स्ट्रक्चर पर पड़ रहा है। जल्द ही भारी वाहनों का परिचालन सेतु पर बंद नहीं किया गया तो एक मात्र बचे पूर्वी लेन की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो सकती है।

peepa pul mahatma gandhi setu

आर्म्स सर्वे को दो टावर लगाने की तैयारी : गांधी सेतु के पश्चिमी और पूर्वी लेन के आर्म्स का नियमित सर्वे कर इसके स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए दो सर्वे टायर स्थापित किए जाने पर विभागीय प्रयास शुरू हो गया है।1 आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पाया संख्या 26 एवं 46 के समीप सेतु के बाहर टावर का निर्माण किए जाने पर बातचीत हो रही है। यहां से सर्वे टीम सेतु के सभी 46 पाया के आर्म्स व अन्य हिस्सों पर उपकरणों से नजर रख रिपोर्ट तैयार करती रहेगी।

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