वीरान पहाड़ी पर तप रहे थे महादेव, अभिषेक करने स्वयं प्रकट हुईं गंगा दिया ये संदेश

आस्था

पटना: भक्त और भगवान के प्रति यदि कोई रिश्ता है तो वह विश्वास का है। इसी विश्वास के बूते आज पूरी दुनिया सृष्टि के संहारक देवाधिदेव महादेव के प्रति आस्था प्रकट करती है। एक ऐसे ही विश्वास का जीवंत उदाहरण कटनी जिले में देखने मिला है। जहां एक पत्थरों के बीच से जब एक शिवलिंग निकाला गया तो उस वीरान पहाड़ी पर मां गंगा स्वयं प्रकट हो गईं। ये चमत्कार कहें या विज्ञान, लेकिन देखने वालों ने इसे भक्ति का संदेश कहा है। संदेश वह जो गंगा ने शिवभक्ति का दिया है।

जमीन से एक शिवलिंग निकला और कुछ देर बाद उसी स्थान से पानी की धारा फूट पड़ी…। अपने आप निकालता पानी लोगों के कोतूहल का विषय बना हुआ है। यह स्थान कई खास रहस्यों को भी संजोए हुए हैं। बात हो रही है कटनी जिले के रोहनिया गांव के कुडिय़ाघाट की। यहां शिव और उनका साम्य देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। प्रकृति के आंचल में बसे सुरम्य स्थान पर शिवलिंग और अविरल बहती जलधारा लोगों को सम्मोहित कर लेती है।

रहस्य है अद्भुत
रोहनिया गांव के मिथलेश द्विवेदी, गणेश द्विवेदी, विनोद असाटी, संदीप सोनी, मुकुंदी रावत के अनुसार कि गांव के एक व्यक्ति को स्वप्न में एक साधु बाबा यह आग्रह करते दिखे कि सिद्धआश्रम के पास भूमि के अंदर भगवान शिव का पिंड है। उन्हें मंदिर बनवाकर प्राणप्रतिष्ठित कराओ। गांव के उस व्यक्ति को न सिर्फ ये सपना याद रहा, बल्कि वह जगह भी अच्छी तरह से याद रही। सुबह उन्होंने गांव के सभी लोगों को एकत्रित कर अपने स्वप्न की दस्तान सुनाई, और लोगों ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए गैंती, बेलचा, फावड़ा इत्यादि सामन लेकर उस जगह पहुंच गए, और जब उस जगह को खोदना शुरू किया तो बहुत जल्दी उन्हें यह शिवलिंग नजर आने लगा।

फिर फूट पड़ी जलधारा
नीरू शास्त्री के अनुसार फिर वहां आस पास, साफ-सफाई करके पंडितों को बुलाकर पूजा पाठ मंत्रोचार के साथ इस शिवलिंग की आराधना की गयी। जैसे ही शिवलिंग बाहर निकला वैसे ही वहां से जल की एक धारा भी फूट पड़ी। अब इस स्थान से लगातार निर्मल जलधारा बह रही है। यह जलधारा आगे जाकर नदी में मिल जाती है। आज ये शिवलिंग न सिर्फ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है बल्कि दूर-दूर से लोग इसके दर्शन के लिए यहां आते हैं।

मंदिर में हुई प्राणप्रतिष्ठा
गणेश द्विेवेदी, ऋषिकेश द्विवेदी ने बताया कि शिविलंग निकलने के बाद यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर में भगवान भोलेनाथ की प्राणप्रतिष्ठा कराई गइ्र्र्र। मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां पर हनुमानजी का भी भव्य मंदिर है। हनुमानजी की दिव्य झांकी यहां पहुंचने वाले लोगों को न सिर्फ आकर्षित करती है बल्कि हर मनोकामना को पूर्ण भी करती है।

यह है पहुंच मार्ग
कटनी जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर बड़वारा नगर है। थाना के ठीक बगल से दक्षिण की ओर मार्ग ग्राम रोहनिया के लिए जाता है। गांव के पहले नदी का घाट चढ़ते ही बाएं साइट से एक मार्ग सांधी के लिए जाता है। 10 कदम की दूरी पर आंगनबाड़ी केंद्र के पास से मार्ग कुडिय़ाघाट के लिए जाता है। इस स्थान से 20 कदम की दूरी पर सरई मार्ग में यह सुंदर स्थान है। यहां पर मकर संक्रांति, बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि सहित अन्य त्यौहारों में दर्शन के लिए मजमा लगता है।

अनूठे हैं प्रकृति के नजारा
जिस स्थान बात हम कर रहे हैं इस स्थान पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां पर गौमुख से 24 घंटे पानी निकल रहा है। नदीघाट का रमणीक स्थल है। अनूठा कुआं है जो हर किसी को अचंभित करता है। वॉटर लेबल अच्छा होने और नदी में सैकड़ों झरना लगे होने के बाद भी यह कुआं प्यासा है। रोहित निगम, मुकुंदी रावत ने बताया कि इस स्थान पर 12 महीने लोगों का आना जाना लगा रहता है। इन दिनों तो यहां का सौंदर्य देखते ही बनता है।

Source: Patrika News

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