मछली बेचने के लिए मछुआरों को मोपेड और थ्री व्हीलर देगी सरकार, जानें कैसे मिलता है अनुदान

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धान गेहूं के साथ-साथ किसानों को मछली पालन को बढ़ावा के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। रोहतास जिले में मत्स्य पालन विभाग द्वारा करीब 60 सरकारी तालाबों में मछुआरों के माध्यम से मछली पालन कराया गया है। तालाब व पोखर से निकाली जाने वाली ताजा मछली को शहर तथा गांव में जाकर बेचने के लिए विभाग द्वारा मछुआरों को मोपेड, टू व्हीलर, थ्री व्हीलर एवं फोर व्हीलर वाहन भी अनुदानित दर पर मुहैया कराई गई है। जिससे मछुआरा मछली पालन कर मुनाफा कर रहे हैं। मुनाफे के पैसे से वे आसानी से अपना घर परिवार की चला रहे है।

मत्स्य विकास पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 60 सरकारी तालाबों में मछुआरों के माध्यम से मछली पालन कराया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत वित्तीय वर्ष 20-21, 22 में ताजी मछली को घूम-घूम कर बेचने के लिए 15 मछुआरों को मोपेड, पांच मछुआरों को थ्री व्हीलर एवं चार मछुआरों को फोर व्हीलर अनुदानित दर पर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी मछुआरों को अनुदानित दर पर मोपेड, थ्री व्हीलर तथा फोर व्हीलर वाहन दिया गया है।

मछुआरे वाहनों पर आइस बॉक्स रखकर उसमें मछली लेकर शहर से गांव तक घूम-घूमकर बेच रहे हैं। विभागीय अफसरों ने अभी बताया कि मछली पालन को बढ़ावा के लिए विभाग द्वारा मछुआरों को अनुदानित दर पर मछली का बीज भी दिया जाता है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जिले में दर्जनों पोखरे का निर्माण कराया जा रहा है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पोखर निर्माण पर विभाग द्वारा 60 से 40 प्रतिशत का अनुदान देने का प्रावधान है।

कैसे व कितना मिलता है अनुदान

केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संपोषित इस योजना के तहत मछुआरों को लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस बाद आवेदन की हार्ड कॉपी जिला मत्स्य कार्यालय में जमा करना होगा। मत्सय अधिकारी जांच कर अग्रेतर कारवाई करेंगे। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत महिला, अतिपिछड़ा व अनुसूचित जाति-जन जाति के आवेदकों को 60 प्रतिशत तक जनरल कटेगरी के लोगों को 40 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। जबकि राज्य सरकार द्वारा एसटी आवेदको को 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई है।

क्या कहते हैं अधिकारी

रोहतास के जिला मत्स्य पदाधिकारी शिवशंकर चौधरी ने कहा, ‘सरकार मत्स्य पालन को ले कई प्रकार की सुविधाएं दे रही है। किसान धान-गेंहू साथ मछली पालन कर दोहरी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए स्वरोजगार की भी सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही मछुआरों के लिए शहर से गांव मोहल्ले तक मछली बिक्री करने के लिए मोपेड, विक्की, थ्री व्हीलर जैसे वाहन अनुदानित दर पर दिए जा रहे हैं ताकि उनके जीवन मे समृद्धि आ सके। अभी तक कुल 24 मछुआरों को इसका लाभ मिल चुका है।’

 

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