आपने भोलेनाथ के बहुत सारे भक्त देखे होंगे. कोई सैंकड़ों किमी का सफर तय करके उनके जलाभिषेक के लिये जल लाता है तो कई उनकी पूजा अर्चना में लगा रहता है. वहीं लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में भगवान शिव का एक मुसलमान भी पक्का भक्त है. ये हैं महबूब अंसारी, जो पिछले 40 सालों से भगवान शिव की मनकामेश्वर मंदिर में सेवा कर रहे हैं. वैसे महबूब ऐसा करने वाले अपने घर के पहले शख्स नहीं हैं. उनके पिता अब्दुल सत्तार भी मनकामेश्वर मंदिर की सेवा करते रहे थे. अब्दुल सत्तार की मौत के बाद महबूब अंसारी इस जिम्मेदारी निभा रहे हैं.



महबूब कहते हैं कि मंदिर के पीछे ही उनका मकान था. पूरा बचपन मंदिर में खेलते बीता. फिर शिव जी से मोहब्बत हो गई और यहीं सेवा करने लगे. महबूब को संस्कृत का श्लोक नहीं आता लेकिन आरती वह पूरी शिद्दत से सुनते हैं. वो टोपी लगाकर मंदिर परिसर में रहते हैं.



मंदिर में सेवा की वजह से कुछ लोग नहीं देते सलाम का जवाब
वह कहते हैं कि कोई भक्त भी उनसे कभी नहीं पूछता कि मुसलमान होकर तुम मंदिर में क्यों हो? हालांकि महबूब इस बात को जरूर कहते हैं कि मंदिर में सेवा करने की वजह से मेरे सलाम का जवाब बहुत सारे मुसलमान नहीं देते. महबूब कहते हैं कि ऐसे लोग मुझे मुसलमान नहीं मानते क्योंकि वो मंदिर में रहते हैं. लेकिन ममुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. इस्लाम इतना कमजोर नहीं कि कहीं और किसी की सेवा करने पर वह मुझे मुसलमान होने से खारिज कर दें.

पांच वक्त के नमाजी हैं महबूब, चाहते हैं- बच्चे भी करें मंदिर की सेवा
महबूब मंदिर परिसर में सेवा करने के साथ ही पांचों वक्त की नमाज भी पढ़ते हैं. महबूब कहते हैं कि पिछले साल भगवान शिव का जलाभिषेक उनके द्वारा लाए गए गंगाजल से किया गया था. मंदिर के महंत से लेकर पुजारी और सभी लोग महबूब भाई को बहुत स्नेह और प्यार की नजर से रखते हैं. वह कहते हैं कि जो मेरे वालिद ने किया उसे मैंने आगे बढ़ाया. अब मेरे काम को मेरे बच्चे आगे बढ़ाएंगे.

Sources:-News18

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