भगवान शिव के प्रिय फल धतूरे के बारे में सब जानते है और भोले को पूजा के दौरान धतूरा अर्पित किया जाता है, लेकिन कम ही लोग यह न जानते हैं कि धतूरा एक बड़े ही काम की औषधि है। धतूरा एक बेहतरीन बाह्य औषधि के रूप में काम में लिया जाने वाला पौधा है। इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए कि धतूरे को खान-पान में उपयोग में बिल्कुल भी नहीं लाना चाहिए। आयुर्वेद में औषधियों का बड़ा महत्व है और लगभग हर छोटी-बड़ी बीमारी का इलाज औषधियों के माध्यम से किया जा सकता है।


जल्द दूर कर देता है चोट का घाव
धतूरा में एंटिसेप्टिक गुण पाए जाते हैं जो गहरे घाव को भी जल्द भर देता है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि ज्यादा गहरे घाव हो तो इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। क्योंकि इसका इस्तेमाल हमारी त्वचा की ऊपरी कुछ सतहों तक ही किया जाना चाहिए।

धतूरे में होते हैं जहरीले तत्व
इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि धतूरे में कुछ जहरीले तत्व भी होते हैं। इसलिए इसे खाने में बिल्कुल भी उपयोग में नहीं लाना चाहिए।


कान के दर्द को दूर करता है धतूरा
कान में दर्द हो रहा हो या कोई घाव हो गया हो तो धतूरे का उपयोग किया जा सकता है क्योंकि इसमें एंटी इन्फेल्मेट्री गुण भी पाया जाता है। हालांकि, बच्चों के कान में उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर ले ली चाहिए।

शरीर को गर्म रखता है धतूरा
धतूरा गर्म तासीर का फल है। वैज्ञानिक दृष्टि से धतूरा सीमित मात्रा में लेने पर ही औषधि रहता है और ज्यादा मात्रा में लेने पर शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।


जोड़ों के दर्द से राहत देता है धतूरा
अगर कोई जोड़ों के दर्द से परेशान हैं या पैरों में सूजन या भारीपन लगता है तो धतूरे की पत्तियों को पीसकर इसका लेप लगा सकते हैं। इससे आपको तत्काल आराम मिलेगा, क्योंकि गर्म तासीर का होने के कारण मांसपेशियों की प्राकृतिक सिकाई होती है और मांसपेशियां नरम पड़ जाती है। जिससे मरीज को तत्काल आराम मिलता है। धतूरे के रस को तिल के तेल के साथ मिलाकर लगाने से भी मरीज को फायदा होता है। हालांकि, उसे थोड़ा गर्म कर लेना भी फायदेमंद होता है।

गंजेपन से परेशान हैं तो ऐसे करें धतूरे का उपयोग
आजकल बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या को दूर करने के लिए बाजार में कई उत्पाद आ गए हैं। इनमें से कई तो कैमिकलयुक्त हैं जो त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे मरीजों के लिए धतूरा बड़े काम की औषधि हो सकती है। क्योंकि धतूरे का रस बालों में लगाना काफी हितकारी होता है। नियमित सिर में लगाने से नए बाल भी आने शुरू हो जाते हैं।


मिर्गी के रोगियों के लिए है रामबाण औषधि
धतूरा मिर्गी के रोगियों के लिए एक अचूक औषधि है। धतूरे की जड़ सुंघाने पर मिर्गी के रोगी को तत्काल फायदा होता है। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि मिर्गी के रोगियों के अपने घर के आसपास धतूरे को पौधा अवश्य रोपित करना चाहिए, क्योंकि मिर्गी के रोगी को जब दौरा पड़े तो धतूरा आसानी से उपलब्ध हो सके।

Sources:-Hindustan

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