Lockdown में घर से निकले तो हो सकती है दो साल की जेल, इन धाराओं में दर्ज होंगे केस

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बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों (Corona infected patients) की संख्या बढ़कर 58 पहुंच गई है. कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अब सरकार और भी सख्त होती दिख रही है. मुख्य सचिव दीपक कुमार (Chief Secretary Deepak Kumar) ने लाॅकडाउन के आदेश पर सख्ती से अमल का निर्देश दिया है. पुलिस के स्तर पर इसका अनुपालन किस तरह से हो रहा है उसकी मॉनीटरिंग को कहा गया है. इसके साथ ही लाॅकडाउन (Lockdown) के उल्लंघन से जुड़े मामलों का फीडबैक नियमित तौर पर सभी जिलों से आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जा रहा है

गृह मंत्रालय ने जारी किया निर्देश
दरअसल गृह मंत्रालय ने दूसरी बार मुख्य सचिव कार्यालय को इस आशय का पत्र लिखा है कि लाॅकडाउन के उल्लंघन के आरोपियों को गिरफ्तार करें. यही नहीं लाकडाउन में निकले लोग अगर फर्जी तरीके से कोई बात करते हैं तो भी उन पर कार्रवाई को कहा गया है.

दो साल तक की होगी जेल
बिहार में बढ़ते कोरोना मरीज और गृह मंत्रालय के निर्देश के आलोक में सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है. अब लाॅकडाउन में घर से निकलने वालों को कम से कम छह महीने और अधिकतम दो साल की जेल हो सकती है. वहीं एक हजार रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है.

इन धाराओं में दर्ज होंगे केस
बता दें कि लाॅकडाउन को लेकर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 से 60 तक कार्रवाई का प्रावधान पहले से है. इसमें आइपीसी की धारा 188 लगायी जा सकती है. यही नहीं इसके अलावा आइपीसी की धारा 269 और 270 की धारा के तहत भी केस किया जा सकता है

सीएम नीतीश ने भी दिए सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गुरुवार को कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित इलाकों में सघन अभियान चलाकर प्रोटोकाल के अनुरूप समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इन इलाकों में सघन स्क्रीनिंग करायी जाए और लोगों की समस्याओं के निष्पादन को लेकर अधिकारी संवेदनशील रहे.

Input : News18

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