भारत में यहाँ है दुनिया का सबसे बड़ा किचन जहाँ लाखों लोग रोज़ाना कहते है मुफ्त में खाना

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भारत देश में कई तरह की अजीबोगरीब चीजें होती रहती हैं जिसके बारे में ज्यादा लोगों को पता नहीं होता है। ऐसे में आज हम आपको इस देश के सबसे बड़े किचन के बारे में बताने जा रहे हैं।

ये हैं भारत के सबसे बड़े किचन जहां खाना सौ या हजार लोगो के लिए नहीं बल्कि बनता है लाखों लोगो के लिए। कुछ रसोई तो ऐसी भी हैं जो लोगो को फ्री में खाना खिलाती हैं।

स्वर्ण मंदिर, अमृतसर

अगर दुनिया में कहीं फ्री में खाना मिलता है तो वह है गुरुद्वारा, अमृतसर का स्‍वर्ण मंदिर विश्व का सबसे बड़ा फ्री में खाना खिलाने वाला किचन है। इस रसोई में रोज 2 लाख रोटियां बनती हैं, 25 क्विंटल अनाज, 5 हजार लीटर दूध, 1.5 टन दाल, 10 क्विंटल चीनी, 5 क्विंटल देसी घी लगता है। 3 लाख बर्तनों की सफाई करने के लिए 450 वर्कर हैं। रोज 80 हजार लोग फ्री में खाना खाते हैं।

 

अगर लंगर का खाना बच जाता है तो स्‍ट्रीट पीपुल्‍स और धार्मिक संस्‍थान को भेज दिया जाता है। खाना बनाने के लिए 100 गैस सिलिंडर और 50 क्विंटल लकड़ी का इस्तेमाल होता है।

जगन्‍नाथ पुरी मंदिर, उड़ीसा

महाप्रसाद के लिए जगन्नाथ मंदिर प्रसिद्ध है। यहां भगवान को भोग लगाने के बाद भक्तों को प्रसाद दिया जाता है। मंदिर का किचन 150 फीट लंबा है, 100 फीट चौड़ा और 20 फुट ऊंचा है।

यहां 300 ओवन पर एक साथ खाना बनता है। किचन में 32 कमरे हैं। 700 कर्मचारी और 400 सहायक काम करते हैं। मंदिर में भगवान को भोग लगाने के लिए 56 तरह के व्यंजन रोज बनाए जाते हैं। रोज कम से कम 10 तरह की मिठाईयां बनाई जाती हैं।

8 लाख लडडू एक साथ बनाने पर इस किचन का नाम गिनीज बुक में दर्ज हो चुका है। किचन में एक बार में 50 हजार लोगों के लिए महाप्रसाद बनता है।

अक्षय पात्र, मिड-डे-मील किचन

इसकी स्थापना 2000 में हुई थी और ये एक नॉन प्रॉफिट आर्गेनाईजेशन है जो स्कूल के बच्चों को खाना (मिड-डे-मील) खिलाने का काम करती है। इसकी पहुंच 10 राज्यों तक हो चुकी है। यह किचन रोज 14 लाख बच्चों को भोजन कराता है।

यह किचन आंध्रप्रदेश, असम, छतीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, ओडीशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, और तेलन्गाना के स्कूलों में खाना खिला रही है। एक किचन में काम करने के लिए करीब 1500 लोग लगे हुए हैं।

यहां उच्च तकनीक का इस्तेमाल होता है। जिन गाड़ियों से खाना स्कूलों में पहुंचाया जाता है उसकी live GPS ट्रैकिंग भी की जाती है। खाना बच्चों को देने से पहले जांचा जाता है। यह विश्व की सबसे बड़ी मिड-डे-मील किचन है।

शिर्डी साईं प्रसादालय, महाराष्ट्र

शिर्डी में लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा सोलर किचन भी है। यहां खाना सोलर पैनल के जरिए पकता है। किचन की छत पर 73 सोलर डिशेज का सेटअप लगाया गया है।

इस किचन को बनाने में 240 करोड़ रुपए लगे हैं। किचन का एरिया 183000 स्‍क्‍वेयर फीट है। यहां एक साथ 8 हजार लोगों की बैठने की व्यवस्था है। एक बार में 45 लोगों का खाना तैयार होता है। रोटियां बनाने के लिए ऑटोमैटिक रोलर्स लगे हैं। एक थाली 15 रुपए में दी जाती है। बच्चों की थाली का मूल्य 5 रुपए है। जिस दिन कोई भक्त दान देता है उस दिन भोजन फ्री होता है।

IRCTC भारत का सबसे बड़ा मॉडर्न किचन

पुरे भारत के लोगो को ट्रेन में खाना खिलाने का काम IRCTC का है। इसके देशभर में कई किचन हैं। यह किचन बेहद अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती है। रोज 6 लाख लोगों के लिए खाना बनाया जाता है।

IRCTC में टाटा, एचसीएल, सुपरटेक जैसी कंपनियों ने निवेश किया है। पिछले साल इस किचन ने 15 हजार करोड़ का मुनाफा दिया था। इसके बर्तन एवं उपकरणों को फ्रांस, इटली और स्वीडन जैसे देशों से मंगाया गया है।

इस किचन में एक दिन में 36 हजार पराठें बनाए जाते हैं। एक घंटे में 4 सौ किलो सब्जियां काटी जाती हैं। इस किचन में एक बार में 25 हजार सैंडविच और 10 हजार स्नैक्स के पैकेट तैयार होते हैं।

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