लालटेन से पट गई पटना नगरी, 2019 के लोकसभा चुनाव की स्क्रिप्ट लिखने की तैयारी

राजनीति

हार की राजधानी पटना की फिजां में बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार के मुखिया राजद सुप्रीमो लालू यादव की ओर से आयोजित महारैली का असर दिखने लगा है। रैली को लेकर जगह-जगह तोरणद्वार बनाये गये हैं।

राजधानी पटना में बिहार के दूर-दराज से रैली में भाग लेने वालों के आने का सिलसिला जारी है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा भगाओ देश बचाओ रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और जदयू नेता शरद यादव, कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद एवं सीपी जोशी सहित विभिन्न विपक्षी दलों के कुल 21 नेताओं ने आने की पुष्टि की है।

राजद के प्रदेश कार्यालय से जारी एक सूची के अनुसार इन नेताओं के अलावा तृणमूल कांग्रेस, सपा, कांग्रेस, राकांपा, भाकपा, आरएलडी, जदयू, जेएमएम, जेवीएम, डीएमके, केरल कांग्रेस, आरएसपी, एआईयूडीएफ, राकांपा और जेडीएस के कुल 21 नेता लालू प्रसाद की रैली में मंच साझा करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम इस सूची में शामिल नहीं है, पर कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, सी पी जोशी और वी हनुमंत राव इस रैली में उपस्थित होंगे। राकांपा का प्रतिनिधित्व बिहार के कटिहार जिला से पार्टी सांसद तारिक अनवर करेंगे। इस रैली में आरएलडी का प्रतिनिधित्व अजित सिंह के बेटे जयंत सिंह करेंगे।

राजद की इस रैली में भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी और सांसद डी राजा मौजूद रहेंगे। डीएमके का प्रतिनिधित्व पार्टी सांसद टी के एस एलंगोवन द्वारा किया जाएगा, जबकि केरल कांग्रेस के जोशी मणी मौजूद होंगे।

रैली में जेएमएम से हेमंत सोरेन उपस्थित होंगे जबकि जीएमएम प्रमुख बाबू लाल मरांडी स्वयं रैली में भाग लेंगे। असम की एआईयूडीएफ के बद्रुद्दीन अजमल रैली में उपस्थित होंगे जबकि नेशनल कांफ्रेंस का प्रतिनिधित्व अली मोहम्मद सागर करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा की पार्टी जदएस का प्रतिनिधित्व इस रैली में दानिश अली करेंगे।

27 अगस्त यानी कल रविवार को आयोजित इस रैली को लेकर लालू समर्थकों के तेवर में काफी तल्खी भरी हुई है। शहर के बड़े चौक-चौराहों पर लालटेन और हरे रंग के पोस्टरों अटे पड़े हैं।

बिहार की सत्ता से हाल में ही दूर हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की 27 अगस्त को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाली ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली को न केवल राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है बल्कि इस रैली को उनकी राजनीतिक साख और राजनीतिक पूंजी से जोड़कर भी देखा जा रहा है. इस रैली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और जेडीयू नेता शरद यादव, कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी समेत कई विपक्षी दलों के कुल 21 नेताओं ने आने की पुष्टि की है.



21 नेता और मंच साझा

लालू यादव की पार्टी आरजेडी के कार्यालय से जारी एक लिस्ट के मुताबिक इन नेताओं के अलावा, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, एनसीपी, भाकपा, आरएलडी, जेडीय, जेएमएम, जेवीएम, डीएमके, केरल कांग्रेस, आरएसपी, एआईयूडीएफ, जेडीएस के कुल 21 नेता लालू प्रसाद की रैली में मंच साझा करेंगे.

कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद, सी पी जोशी और वी हनुमंत राव इस रैली में मौजूद रहेंगे. एनसीपी की तरफ से बिहार के कटिहार जिला से पार्टी सांसद तारिक अनवर करेंगे. इस रैली में आरएलडी का प्रतिनिधित्व अजित सिंह के बेटे जयंत सिंह करेंगे.

आरजेडी की इस रैली में भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी और सांसद डी राजा मौजूद रहेंगे. डीएमके का प्रतिनिधित्व पार्टी सांसद टी के एस एलंगोवन द्वारा किया जाएगा, जबकि केरल कांग्रेस के जोशी मणी मौजूद होंगे. रैली में जेएमएम से हेमंत सोरेन मौजूद होंगे जबकि जीएमएम प्रमुख बाबू लाल मरांडी खुद रैली में भाग लेंगे.

असम की एआईयूडीएफ के बद्रुद्दीन अजमल रैली में मौजूद होंगे जबकि नेशनल कांफ्रेंस का प्रतिनिधित्व अली मोहम्मद सागर करेंगे. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा की पार्टी जेडीएस का प्रतिनिधित्व इस रैली में दानिश अली करेंगे.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जेडीयू शरद यादव के खिलाफ कार्रवाई की धमकी के बावजूद उन्होंने लालू की रैली में भाग लेने का फैसला किया है. इससे पहले शरद यादव ने ‘देश की साझा संस्कृति’ को बचाने के एक कार्यक्रम में विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने का काम किया था.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बीएसपी प्रमुख मायावती के लालू यादव की रैली में भाग नहीं लेने के फैसले के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा है कि वो इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे. राहुल इस दौरान नॉर्वे के दौरे पर होंगे. राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, “मैं नार्वे के विदेश मामलों के मंत्रालय के निमंत्रण पर कुछ दिनों के लिए ओस्लो की यात्रा पर रहूंगा.” उन्होंने कहा कि इस यात्रा की वजह से वो रैली में शामिल नहीं हो सकेंगे.

रज्ड के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह अभूतपूर्व रैली होगी. उन्होंने कहा कि यह रैली राजद की रैली है, जिसमें एक विचार के दलों को आमंत्रित किया गया है. इन दलों में कई बड़े नेता हैं. सोनिया गांधी और राहुल गांधी बड़े नेता हैं, वे लोग अपना प्रतिनिधि भेज रहे हैं. सिंह ने दावा कि यह विशाल रैली होगी, अगर सभी नेता पहुंच गए, तब क्या होगा?

बिहार के 38 में 19 जिलों के बाढ़ प्रभावित होने से भी रैली में भीड़ जुटने पर सवालिया निशान लगा है. लेकिन, RJD के कार्यकर्ता इस रैली को लेकर काफी उत्साहित हैं. पूर्व उप मुख्यमंत्री और तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी कई क्षेत्रों में जाकर लोगों को इस रैली में आने का आमंत्रण दिया है. RJD के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि इस रैली की सफलता को लेकर कोई शंका नहीं होनी चाहिए. इस रैली में संभावित 2019 के लोकसभा चुनाव की स्क्रिप्ट लिखी जानी है.






















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