राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को गुरुवार (27 फरवरी, 2020) को मेडिकल बोर्ड से तगड़ा झटका लगा. रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की मेडिकल बोर्ड की बैठक में फैसला हुआ कि राजद सुप्रीमो को इलाज के लिए कहीं रेफर करने की जरूरत नहीं है. रिम्स में ही उनका इलाज जारी रहेगा. चारा घोटाला मामले में रांची में सजा काट रहे लालू कई गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं. इसलिए उन्हें एम्स रेफर करने की बात चल रही थी.

लालू का इलाज कर रहे डॉ उमेश प्रसाद की टीम मेडिकल बोर्ड की बैठक में लालू प्रसाद के इलाज से संबंधित पूरी  फाइलों के साथ उनके स्वास्थ्य की समीक्षा की. बोर्ड में मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी, नेत्र, रेडियोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी व मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष शामिल हुए. बोर्ड ने लालू की मेडिकल हिस्ट्री देखने के बाद कहा कि उन्हें इलाज के लिए कहीं और भेजने की जरूरत नहीं है. रिम्स में उनका समुचित इलाज चल रहा है और इसे आगे भी जारी रखा जायेगा.

मेडिकल बोर्ड ने 12 गंभीर बीमारियों से पीड़‍ित लालू प्रसाद यादव की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि राजद सुप्रीमो की किडनी की गंभीर बीमारी के बाबत एक्‍सपर्ट नेफ्रालॉजिस्‍ट से मदद ली जायेगी. अगर विशेषज्ञ कहते हैं कि लालू प्रसाद को एम्‍स या किसी और अस्‍पताल में भेजने की जरूरत है, तो रिम्‍स प्रबंधन उस पर विचार करेगा. रिम्‍स के चिकित्‍सा अधीक्षक विवेक कश्‍यप ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने लालू की रिपोर्ट का गहन अध्‍ययन किया. ट्रीटमेंट, प्रोटोकॉल देखने के बाद बोर्ड ने बताया कि उनका सही इलाज चल रहा है.

उल्लेखनीय है कि लालू का इलाज कर रहे यूनिट इंचार्ज प्रोफेसर डॉ उमेश प्रसाद ने 18 फरवरी को रिम्स प्रबंधन को पत्र लिखकर मेडिकल बोर्ड गठित करने का आग्रह किया था. प्रबंधन को डॉ उमेश प्रसाद ने बताया था कि लालू का रिम्स में विगत डेढ़ साल से इलाज चल रहा है. कोर्ट ने कहा था कि इलाज कर रहे डॉक्टर काे अगर देश के बड़े संस्थान से लालू प्रसाद के स्वास्थ्य का रिव्यू कराने की आवश्यकता महसूस होती है, तो उन्हें वहां रेफर किया जा सकता है.

चारा घोटाला के कई मामलों में सजा पा चुके लालू प्रसाद रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में सजा काट रहे थे. इसी दौरान वह गंभीर रूप से बीमार पड़े और उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया. उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें नयी दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया. बाद में कोर्ट ने लालू प्रसाद को जमानत दी, तो उन्होंने मुंबई में भी इलाज कराया. फिलहाल वह रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं.

वर्तमान में वह आरसी-68 ए/96 मामले में सजा काट रहे हैं और रिम्स में भर्ती हैं. जिन चार मामलों में उन्हें सजा हुई है, उसमें सीबीआइ कांड संख्या आरसी-20, 38, 64 व 68 ए/96 हैं. इन मामलों में उन्हें साढ़े तीन वर्ष से लेकर अधिकतम 14 साल तक की सजा हो चुकी है. पशुपालन घोटाला से जुड़ा सबसे बड़ा मामला कांड संख्या आरसी-47 ए /96 है. यह मामला डोरंडा कोषागार से लगभग 139 करोड़ रुपये की अवैध तरीके से निकासी से जुड़ा है.

Sources:-Prabhat Khabar

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