बिहार के इस गुदड़ी के लाल ने किया कमाल, दृष्टिबाधित होने के बाबजूद भी UPSC में लाया 796वां रैंक

जिंदगी

पटना: यदि हौसले बुलंद हो तो उचाइयों को छूने में देर नहीं लगती। इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है खड़गपुर के गुदड़ी के लाल नीलेश केशरी ने। दृष्टिबाधित होने के बाबजूद भी यूपीएससी की परीक्षा में नीलेश ने 796वां रैंक लाकर जिले का ही नहीं, बल्कि राज्य का नाम भी रौशन किया है।

नीलेश ने प्रारंभिक शिक्षा मुंगेर के सरस्वती मंदिर से हासिल की। दसवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दृष्टिबाधित हो गए। इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और हिंदू कॉलेज दिल्ली से ग्रेजुएशन की। जिसमें उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से अवार्ड भी मिला। पिता की आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई जारी रखते हुए वर्ष 2011 में केनरा बैंक में पीओ बने और अपनी ड्यूटी के बाद यूपीएसी की तैयारी करने लगे। पांचवें प्रयास में उन्होंने यह सफलता हासिल कर ली।

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचा स्वर्गीय रविंद्र केशरी, पिता जितेंद्र केशरी, माता ज्योति केशरी, एवं बड़े भाई शैलेश केशरी को दिया है। नीलेश ने बताया कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे कोशिश करते रहें उन्हें सफलता जरूर मिलेगी। नीलेश की सफलता पर गांव में से लेकर जिले में खुशी का माहौल है।

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