अमित शाह के जाते ही भड़के लोजपा नेता, कहा-रामविलास पासवान के चेहरे को इग्नोर नहीं किया जा सकता

राजनीति

पटना: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पटना से जाते ही बिहार एनडीए में जहां एक ओर सीट शेयरिंग और चेहरे को लेकर भाजपा-जदयू में बवाल शांत हो गया है। वहीं दूसरी लोजपा नेता ने चेहरे को लेकर मोर्चा खोल दिया है। रामविलास पासवान के छोटे भाई और बिहार सरकार के मंत्री पशुपति पारस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भजापा और जदयू में जो भी विवाद था सो शांत हो गया है। चुकि लोजपा एनडीए का अभिन्न अंग है इसलिए अमित शाह ने पटना यात्रा के दौरान ना तो लोजपा नेताओं से मुलाकात की और ना ही नाम लिया। वैसे उन्होंने अपरोक्ष रूप से मोर्चा खोलते हुए कहा कि कोई चाह कर भी लोजपा और रामविलास पासवा को बिहार में इग्नोर नहीं कर सकता।

अमित शाह के जाते ही बिहार भाजपा का बदला तेवर, कहा- सीएम होने के कारण नीतीश कुमार हैं बड़े भाई

कहते हैं कि कभी नाव में पानी तो कभी पानी में नाव…यह कहावत बिहार की राजनीति में सटीक फीट बैठ रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पटना से विदा होते ही बिहार भाजपा के सुर बदलने लगे हैं। तेवर नरम होने लगे हैं। नीतीश कुमार की अहमियत समझ में आने लगी है। ताजा अपडेट के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता सांसद डॉ सीपी ठाकुर का नया बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने अपने पुराने तेवर को बदलते हुए कहा है कि बिहार एनडीए में सीएम नीतीश कुमार बड़े भाई की भूमिका में हैं। उन्होंने सीट शेयरिंग पर इंकार करते हुए कहा कि राजनीति में कब कौन बड़ा भाई बन जाय और कब कौन छोटा भाई यह नहीं कहा जा सकता।
राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते वे ही बड़े भाई हैं। समय के अनुसार बड़ा भाई छोटा हो जाता और छोटा भाई बड़ा हो जाता है।

अमित शाह ने अकेले में की नीतीश से ‘सीक्रेट बात’, 15 मिनट तक दोनों के बीच पकी ‘राजनीति खिचड़ी’

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मिशन-2019 के तहत पटना आए और चले गए। इस दौरान नीतीश के साथ उनकी मुलाकात पर सबकी नजर टिकी रही। सबसे पहले उन्होंने स्टेट गेस्ट हाउस में ब्रेकफास्ट पर नीतीश के साथ मुलाकात की। पूर्व अनुमान लगाया गया था कि एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर दोनों के बीच बातचीत होगी। मगर ब्रेकफास्ट के बाद नीतीश कुमार जब गेस्ट हाउस से बाहर निकले तो मुस्काने के सिवा कुछ नहीं किया। सीट शियरिंग पर बयान देना तो दूर की बात थी। इसके बाद लोगों की नजरे डिनर पर टिक गई।

नीतीश के आवास पर डिनर में जरूर राजनीति खिचड़ी पकी। नीतीश कुमार द्वारा मेजबानी किए इस डिनर में बीजेपी और जदयू के कुल 12 नेता शामिल हुए। इस दौरान सीट शेयरिंग को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। डिनर के बाद अमित शाह ने नीतीश कुमार से 15 मिनट तक एकांत में बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई ये किसी को भी नहीं पता।

डिनर के बाद प्रदेस जदयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि अच्छा खाना हुआ और अच्छी बातें हुईं। वहीं मंत्री प्रेम कुमार ने जानकारी दी कि सीट शेयरिंग को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। अभी चुनाव में काफी वक्त है।

गौरतलब है कि बिहार में सीट शेयरिंग का मुद्दा गरमाया हुआ है। जदयू ने 2009 के चुनावी फॉर्मूले के आधार पर 25 सीटों की डिमांड की है। वहीं दूसरी तरफ रालोसपा और एलजेपी अपनी जीती हुई सीटें नहीं छोड़ना चाहती हैं। बीजेपी को सभी दलों को साथ लेकर चलना मुश्किल हो गया है। हालांकि सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद होने के बाद भी एनडीए के नेता कहते नजर आ रहे हैं कि सभी एकजुट है। लोकसभा चुनाव में समय है। एक साथ बैठक कर फैसला हो जाएगा।

Source: Live Cities

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