मिथिला के इस लाल ने जूनून और संघर्ष से बॉलीवुड में बनाई पहचान, “जय-गंगाजल” में अपने अभिनय से खिंचा सबका ध्यान

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मिथिला के एक लाल ने कड़े संघर्षों के बलबूते आज बॉलीवुड में अपनी पकड़ मजबूत की है और एक के बाद एक उसे फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं। हम बात कर रहे हैं प्रियंका चोपड़ा स्टारर मूवी ‘जय गंगाजल’ में अपनी दमदार अभिनय से लोगों का और बी-टाउन के दिग्गजों का ध्यान अपनी और आकृष्ट करने वाले मिथलांचल की धरती से जुड़े अभिनेता कुमार आर्यन की। जूनून अगर कुछ कर गुजरने की हो तो फिर आंधियां यूँ ही आकर गुजर जाया करती है और पथिक अपनी मंजिल पा हीं लेता है। इस बात को सिद्ध कर दिखाया है मिथिला इस लाल ने।

बात अगर कुमार के परिवेश की की जाये तो इस तरह का कोई परिवेश नहीं था, जहाँ से वो बॉलीवुड से जुड़ने का सपना भी पाल सके। गिरीश चंद्र मिश्र और शिवकला देवी के चौथे संतान, कुमार आर्यन के बारे में शायद हीं कभी उनके परिवार वालों ने सोचा हो कि उनका बेटा एक दिन मनोरंजन जगत में अपना सिक्का जमा लेगा, लेकिन बिहार के सुपौल जिले के अन्तर्गत प्रतापगंज प्रखंड के गोविंदपुर गांव के ग्रामीण परिवेश को चुनौती देते हुए कुमार आर्यन ने रुपहले परदे पर अपने अभिनय का जलवा बिखरने का सपना देखा और उसे हकीकत में तब्दील भी किया।

कभी गांव में काली पूजा के अवसर पर स्थानीय मंच ‘कलिका नाट्य कला परिषद् गोविंदपुर’ के द्वारा आयोजित नाटक में अभिनय करने वाले कुमार आर्यन को देखकर भले हीं लोगों ने उनके इस उड़ान का अंदाजा न लगाया हो लेकिन आज गांव के लोग उनके इस कामयाबी पर फुले नहीं समा रहे और अपने लाल पर गर्व करते हैं।

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