कुदरत ने छीना हाथ, नहीं मानी हार, पैरो से बांधी भाई की कलाई पर राखी

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पटना: तकदीर की लकीर हाथो में होने की बात लोग कहते है तो यह सरासर गलत है। क्यूंकि तकदीर उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते हैं। एक ऐसी ही बिना हाथ वाली लड़की अपने भाई के कलाई पर 8 वर्ष से लगातार पैरो से राखी बांध रही है। यह कहानी है ब्लॉक मुख्यालय से 25 किमी दूर डिण्डौरी की वंदना उपाध्याय की, जिसके जन्म से ही हाथ नहीं हैं। बावजूद इसके वो राखी के दिन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधना नहीं भूलती। वंदना जन्म से विकलांग बिना हाथ वाली पैदा हुई थी। उसे दोनों हाथ नहीं है। और कंधों से ही ही उंगली जुड़ा है।

यह कुदरत कर ही देन है जिसके कारण वह अपना पूरा काम पैरो से कर लेती है। आज वंदना अन्य बहनों की तरह ही भाई को राखी बांधेगी पर हाथों से नहीं पैरो से। परंपरागत तरीके से थाली में फूल, कुमकुम और अगरबत्ती तथा दिए जलाकर माथे पर टीका लगाकार राखी बांधती है। महज 10 वर्ष की वंदना पैर से ही पूरी काम कर लेती है। वंदना अभी कक्षा 6 वी में पढ़ रही है। वे पढ़ाई में भी होशियार है। वंदना की इच्छा है कि वे डाक्टर बने और उनके जैसे हालत वाले लोगों का इलाज कर उनको नई जिंदगी प्रदान करें।

स्कूल में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में वंदना ने पहले स्थान प्राप्त कर प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर चुकी है। वंदना के अभिभावक शासन से मदद की आस में है कि आर्टिफिशियल हाथ लग जाए तो वो भी जिंदगी में कुछ अच्छा कर सकेगी। हो जाये तो वंदना की बन जायेगी जिंदगी-वंदना की मॉं हाउस वाइफ है उनके पिता अनिल एक छोटे से कपड़ा व्यवसायी है। जिनसे घर का पालन पोषण कर रहे है। वंदना को न तो विकलांग पेशन मिलता है और न ही स्कूलो से पेंशन मिलता है।

गरीब घर में जन्मी वंदना का परिवार भी उतना अच्छा नही है। वंदना की मॉं बताती है कि वंदना आज अपने पैरो से हर काम कर लेती है लेकिन अगर आर्टिफिशियल हाथ लग जाये तो वंदना की जिंदगी ही बदल जायेगी। वंदना की मॉं बताते है कि आज तक उन्हे शासन प्रशासन ने मदद नही किये है। वंदना की मॉं आज दूसरे लड़कियो को देखती है तो उनके आंखे नम हो जाती है।

सेल्फी : खाकी विथ राखी अभियान के तहत सभी थानों में खींची गई सेल्फी- पचपेड़ी. पुलिस विथ राखी अभियान के तहत थाना पचपेड़ी के आरक्षक गांव पहुंचे और महिलाओं के साथ सेल्फी लेकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। सेल्फी को सोशल मीडिया में अपलोड करके संदेश दिया जा रहा है कि उनका एक भाई ऐसा भी है जो 24 घन्टे उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध है।

मुंगेली. स्पेशल पुलिस कैडेट एसपीसी ने जरहगांव थाने में रक्षा टीम और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया। इन एसपीसी कैडेट्स बालक बालिकाओं द्वारा पुलिस कर्मियों को रक्षासूत्र बांधा।

रतनपुर. संवेदना के पदाधिकारी तथा नगर की महिलाओं ने शनिवार को आरक्षी केंद्र पहुंचकर खाकी विथ राखी के तहत पुलिस के जवानों को राखी बांधकर बदले में नगर की सुरक्षा ब्यवस्था बनाा रखने की मांग की।

करगीरोड कोटा. खाकी विथ राखी का उद्देश्य महिलाओं को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस से सहज ढंग से जोडऩा है। इस मुहिम के तहत कोटाा थाना प्रभारी कृष्णा पाटले अपने स्टाफ के साथ कन्या हाई स्कूल शाला, निरंजन केशरवानी कॉलेज पहुंचे। मुहिम का संदेश बताते हुए सेल्फी खिचवाई।

सीपत. रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व अंचल के अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों में छात्र छात्राओं के बीच सीपत पुलिस की टीम पहुंची। सेल्फी लेकर खांकी विथ राखी का महत्व बताया। सीपत पुलिस टीम से एचसी अरविुंद सिंह, चोलाराम पटेल, आरक्षक रामलाल सोनवानी, विनोद यादव, शरद साहू, रामकुमार सिदार शामिल रहे।

वही शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्राओं ने तिलक लगाकर भाईयो का मुंह मीठा कराया व कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर रक्षा का वचन लिए। इस अवसर पर सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Source: Patrika News

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